फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   delhi high court sets aside the kejriwal Government circular on treatment of patient at GTB Hospital

केजरीवाल सरकार को लगा झटका, जीटीबी अस्पताल में दिल्लीवासियों को तरजीह देने वाला सर्कुलर रद्द

Fri, 12 Oct 2018 12:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 12 Oct 2018 12:35 PM IST
विज्ञापन
delhi high court sets aside the kejriwal Government circular on treatment of patient at GTB Hospital
जीटीबी अस्पताल

दिल्ली की केजरीवाल सरकार को आज हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में तगड़ा झटका दिया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजधानी के गुरु तेगबहादुर अस्पताल में इलाज के लिए दिल्लीवासियों को अन्य लोगों के मुकाबले तरजीह देने संबंधी दिल्ली सरकार के सर्कुलर को शुक्रवार को रद्द कर दिया।

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन और न्यायमूर्ति वी. के. राव की पीठ ने दिल्ली की आम आदमी सरकार की इस पायलट परियोजना को चुनौती देने वाली एक एनजीओ की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
विज्ञापन


अदालत इसपर विचार कर रही थी कि अन्य लोगों के मुकाबले जीटीबी में इलाज के लिए दिल्लीवासियों को तरजीह देने की आप सरकार की परियोजना संविधान द्वारा दिए गए समानता और जीवन के अधिकार का उल्लंघन करती है या नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली का वोटर आई कार्ड एक अक्तूबर से अनिवार्य कर दिया है

दरअसल, दिल्ली सरकार ने सर्कुलर जारी कर अस्पताल में इलाज के लिए दिल्ली का वोटर आई कार्ड एक अक्तूबर से अनिवार्य कर दिया है। पूर्व में इस मामले पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति वीके राव ने पूछा था कि दिल्ली सरकार सरकारी अस्पताल में बाहरी मरीजों के इलाज पर रोक कैसे लगा सकती है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि वह इस आदेश को रद्द करे या वापस ले।

इसपर दिल्ली सरकार की ओर से स्थायी अधिवक्ता राहुल मेहरा ने दलील दी कि इलाज पर प्रतिबंध नहीं है। इस पर दिल्ली सरकार से वह निर्देश लेंगे। यह जनहित याचिका एनजीओ सोशल जूरिस्ट की ओर से डाली गई है। 

याचिका पर जिरह करते हुए अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने जीटीबी अस्पताल में बाहरी मरीजों के इलाज के लिए वोटर आई कार्ड अनिवार्य कर अप्रत्यक्ष रूप से रोक लगा दी है। जबकि बॉर्डर होने के चलते अस्पताल में 70 फीसदी से अधिक मरीज यूपी से आते हैं। इससे मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली सरकार का यह आदेश मनमाना, अवैध व भेदभाव पूर्ण है। यह आदेश संविधान के समानता व अन्य अधिकारों का उल्लंघन करता है। इसलिए इस आदेश को फौरन रद्द कर वंचित लोगों को न्याय दिलाया जाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed