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Delhi NCR News: दिल्ली हाईकोर्ट ने एनटीए से मांगा जवाब
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने यूजीसी-नेट जून 2026 की अंग्रेजी विषय की दोबारा परीक्षा के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की है। अदालत ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और केंद्र सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने एक उम्मीदवार की याचिका पर नोटिस जारी किया।
याचिकाकर्ता पारुल श्योरन ने एनटीए के 16 अगस्त के नोटिस को रद्द करने की मांग की है। इस नोटिस में अंग्रेजी विषय की परीक्षा दोबारा कराने का निर्देश दिया गया था। याचिका में इस फैसले को मनमाना, अनुचित और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन बताया गया है। दावा है कि यह फैसला बिना किसी आधार सामग्री और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना लिया गया। याचिकाकर्ता ने पहले से हुई अंग्रेजी परीक्षा के परिणाम घोषित करने की मांग की है। वैकल्पिक रूप से, प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने का निर्देश देने की भी मांग की गई है। अदालत ने 31 अगस्त को अधिकारियों को परीक्षा शुल्क वापस करने पर फैसला लेने का निर्देश दिया था। अगली सुनवाई छह अक्तूबर को होगी।
अंग्रेजी और कॉमर्स के पेपर नौ सितंबर को दोबारा आयोजित किए जाएंगे। समाजशास्त्र का पेपर 10 सितंबर को दोबारा होगा। याचिका में कहा गया है कि यदि अदालत अंग्रेजी की दोबारा परीक्षा की अनुमति देती है, तो अधिकारियों को पहले चुकाए गए शुल्क वापस करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही, उम्मीदवारों को बिना अतिरिक्त शुल्क के दोबारा परीक्षा में शामिल होने का अधिकार भी सुरक्षित रखा जाए।
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने यूजीसी-नेट जून 2026 की अंग्रेजी विषय की दोबारा परीक्षा के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की है। अदालत ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और केंद्र सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने एक उम्मीदवार की याचिका पर नोटिस जारी किया।
याचिकाकर्ता पारुल श्योरन ने एनटीए के 16 अगस्त के नोटिस को रद्द करने की मांग की है। इस नोटिस में अंग्रेजी विषय की परीक्षा दोबारा कराने का निर्देश दिया गया था। याचिका में इस फैसले को मनमाना, अनुचित और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन बताया गया है। दावा है कि यह फैसला बिना किसी आधार सामग्री और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना लिया गया। याचिकाकर्ता ने पहले से हुई अंग्रेजी परीक्षा के परिणाम घोषित करने की मांग की है। वैकल्पिक रूप से, प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने का निर्देश देने की भी मांग की गई है। अदालत ने 31 अगस्त को अधिकारियों को परीक्षा शुल्क वापस करने पर फैसला लेने का निर्देश दिया था। अगली सुनवाई छह अक्तूबर को होगी।
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अंग्रेजी और कॉमर्स के पेपर नौ सितंबर को दोबारा आयोजित किए जाएंगे। समाजशास्त्र का पेपर 10 सितंबर को दोबारा होगा। याचिका में कहा गया है कि यदि अदालत अंग्रेजी की दोबारा परीक्षा की अनुमति देती है, तो अधिकारियों को पहले चुकाए गए शुल्क वापस करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही, उम्मीदवारों को बिना अतिरिक्त शुल्क के दोबारा परीक्षा में शामिल होने का अधिकार भी सुरक्षित रखा जाए।
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