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हाईकोर्ट: 12-17 वर्ष की आयु के बच्चों को वैक्सीन लगवाने की मांग पर केंद्र व दिल्ली सरकार से जवाब तलब

Fri, 28 May 2021 06:22 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Fri, 28 May 2021 06:22 PM IST
सार

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने दोनो पक्षों को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याचिका स्वीकार कर ली जाए।

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Delhi high court seeks reply from delhi and central government on vaccination of 12 to 17 years children
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

हाईकोर्ट ने 12 से 17 वर्ष की आयु के बीच के बच्चों को वैक्सीन लगवाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर केंद्र व दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह याचिका 12 वर्षीय टीया गुप्ता व रोमा रहेजा नामक बच्चों ने दायर की है।

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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने दोनो पक्षों को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याचिका स्वीकार कर ली जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई 4 जून तय की है। याचिकाकर्ता ने इसके अलावा अदालत से अपने माता-पिता के टीकाकरण को प्राथमिकता देने का निर्देश देने की मांग की है।
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याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश वासदेव ने तर्क रखा कि बच्चों के लिए टीकाकरण नीति बनाना जरूरी है ताकि चीजों को बहुत अलग बनाने से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि बहुत से बच्चों के माता-पिता का निधन हो गया है। वे अनाथ होते जा रहे हैं।
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इन बच्चों को स्कूल से दूर रखा जा रहा है, इस आयु वर्ग के कोई लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है। याचिका में कहा कि कोविड-19 में जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हो गई है उसकी रक्षा करना सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। 

उन्होंने कहा कि इस बात के साक्ष्य है कि कोविड की दूसरी लहर में गैर-टीका लगाए गए बच्चों में एक नया अधिक शक्तिशाली कोविड स्टेन के विकसित होने की संभावना अधिक है।


उन्होंने बच्चों पर 'तीसरी लहर' के प्रतिकूल प्रभाव पर चिकित्सा राय का हवाला देते हुए कहा कि टीका लगाने से न केवल देश में कोविड-19 वायरस को पनपने की श्रृंखला को तोड़ने का एक प्रभावी तरीका होगा। इसके अलावा वे सामान्य जीवन व्यतीत करने और अपना बचपन फिर से हासिल करने में भी सक्षम होंगे।

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