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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में 500 पौधे लगाए एमसीडी
Sat, 07 Mar 2020 06:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 07 Mar 2020 06:49 AM IST
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दिल्ली उच्च न्यायालय (फाइल फोटो)
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हाईकोर्ट ने उत्तर-पूर्वी जिले में हिंसा के दौरान पेड़-पौधों को हुए नुकसान को देखते हुए पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईएमसीडी) को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में 500 पौधे लगाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि ऐसा करने से जिले में हरियाली बढ़ाने में मदद मिलेगी। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।
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न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने औद्योगिक विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। इस मामले में दिल्ली नगर निगम याचिकाकर्ता है। न्यायमूर्ति ने कहा कि इंटरनेट पर हिंसा प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीरों को देखकर लगता है कि सार्वजनिक सड़कों और गलियों में डिवाइडर पर दूर-दूर तक पेड़-पौधे तो क्या घास का तिनका भी नहीं है।
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पीठ ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के कार्य स्थल, घर या पड़ोस में हरियाली होने से मिलने वाले सुकून और उसके चिकित्सकीय प्रभावों को कम करके नहीं आंका जा सकता। इसके अलावा हिंसा के बाद के परिदृश्य में, जहां हजारों नागरिकों को शारीरिक और मानसिक चोट पहुंची है, बड़ी संख्या में पेड़ों और हरियाली को भी नुकसान पहुंचा।
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पीठ ने निगम को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में 24 तरह के स्वदेशी पेड़ लगाने के लिए कहा है, जिनमें कटहल, आम, सागौन, अमलतास, अंजीर, बरगद, पलाश, महुआ, जामुन शामिल हैं। इन पेड़ों की इनकी नर्सरी एज साढ़े तीन साल व न्यूनतम ऊंचाई छह फीट होनी चाहिए। एमसीडी को इन पेड़ों को पानी देने और रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी गई है। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई पर हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में पेड़ लगाने से पहले और बाद की तस्वीरें भी पेश करने के निर्देश दिए हैं।