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Delhi: हाईकोर्ट का दिल्ली सरकार को निर्देश- हाथ से मैला ढोने पर रोक का कड़ाई से पालन करें सुनिश्चित
Sat, 26 Nov 2022 07:40 AM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Sat, 26 Nov 2022 07:40 AM IST
सार
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने सरकार को निर्देश दिया कि वह दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग (डीसीएसके) की ओर से पेश विभिन्न सिफारिशों पर 60 दिन के भीतर निर्णय ले।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह हाथ से मैला ढोने पर रोक और उनका पुनर्वास अधिनियम 2013 अधिनियम के तहत बनाए गए नियमों में निहित वैधानिक प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।
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मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने सरकार को निर्देश दिया कि वह दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग (डीसीएसके) की ओर से पेश विभिन्न सिफारिशों पर 60 दिन के भीतर निर्णय ले।
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अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता और डीसीएसके के पूर्व अध्यक्ष हरनाम सिंह द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न सफाई कर्मचारियों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं और शर्तों के संबंध में चिंता जताते हुए दायर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश पारित किया। याची ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी अधिनियम आयोग सहित कानून के अनुपालन के लिए निर्देश मांगने के अलावा याचिका में सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा और मेडिकल सुविधाओं की भी मांग की।
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पीठ ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग और केंद्र सरकार द्वारा दायर जवाबी हलफनामे पर ध्यान देते हुए कहा गया कि आयोग ने 14 नवंबर 2020 के पत्र के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों या जिला आयुक्तों को उन सभी सफाई कर्मचारियों का विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जो कोविड-19 के कारण उन्हें दिए गए मुआवजे का विवरण खो गए हैं।