फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi high court rejects plea against book muhammad authored by sayed wasim rizvi

दिल्ली हाईकोर्ट: सैयद वसीम रिजवी लिखित पुस्तक मुहम्मद के खिलाफ दायर याचिका खारिज

Mon, 27 Dec 2021 05:58 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Mon, 27 Dec 2021 05:58 PM IST
सार

पीठ ने कहा कि सुनवाई के दौरान कहा पेश किए गए प्रस्तावों के समर्थन में अदालत के समक्ष कोई मामला कानूनन नहीं रखा गया। अभद्र भाषा के संबंध में विधि आयोग की रिपोर्ट का और संदर्भ दिया गया, लेकिन उसका भी कोई परिणाम नहीं निकला।

विज्ञापन
Delhi high court rejects plea against book muhammad authored by sayed wasim rizvi
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सैयद वसीम रिजवी द्वारा लिखित पुस्तक मुहम्मद के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। याची ने आरोप लगाया था कि पुस्तक में पैगंबर मोहम्मद, इस्लाम और कुरान के संबंध में भड़काऊ बयान हैं।

विज्ञापन


कमर हसनैन द्वारा दायर याचिका में रिजवी को भविष्य में इस तरह के कृत्यों को रोकने के लिए 2,05,00,000 रुपये का हर्जाना देने की मांग की गई थी। इसके अलावा याची ने वसीम रिजवी को इस तरह के भड़काऊ बयान देने या उन्हें किसी भी मंच पर प्रकाशित करने से रोकने के लिए स्थायी रोक की मांग की गई थी। याचिका में वसीम रिजवी को किसी भी माध्यम से किताब को बेचने, प्रसारित करने या वितरित करने से रोकने के लिए स्थायी रोक लगाने की भी मांग की गई थी।
विज्ञापन


व्यक्तिगत क्षमता में दायर की गई है याचिका
न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने कहा कि एक व्यक्तिगत कानूनी अधिकार होना चाहिए, एक व्यक्तिगत कानूनी चोट जो वर्तमान मुकदमे को बनाए रखने के लिए वास्तविक क्षति को जन्म देती है। वादी ने इस्लाम के अनुयायियों की ओर से अनिवार्य और स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की है लेकिन कोई ठोस साक्ष्य नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


याची के वकील ने तर्क रखा कि उनके मुवक्किल ने अपनी व्यक्तिगत क्षमता में याचिका दायर की है और उक्त पुस्तक की सामग्री से व्यथित है और उसे लगता है कि उसकी धार्मिक भावनाओं का अपमान किया गया है, इसलिए वह अपने अधिकार का प्रयोग करना चाहता है। उन्होंने कहा उक्त पुस्तक मुहम्मद की सामग्री ने मुस्लिम के रूप में वादी की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है।


पीठ ने कहा कि सुनवाई के दौरान कहा पेश किए गए प्रस्तावों के समर्थन में अदालत के समक्ष कोई मामला कानूनन नहीं रखा गया। अभद्र भाषा के संबंध में विधि आयोग की रिपोर्ट का और संदर्भ दिया गया, लेकिन उसका भी कोई परिणाम नहीं निकला।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed