दिल्ली: हाईकोर्ट ने डीएमआरसी के एमडी की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने से किया इनकार, पीआईएल पर मांगा जवाब
दिल्ली: हाईकोर्ट ने डीएमआरसी के एमडी की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने से किया इनकार, पीआईएल पर मांगा जवाब
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दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक के पद की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही इस पद की अधिकतम उम्र सीमा तय करने को लेकर डाली गई जनहित याचिका पर अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है।
चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने दिल्ली सरकार, आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय और कानून व न्याय मंत्रालय के जरिए केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए अथॉरिटीज को जनहित याचिका का जवाब देने को कहा है।
अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार करते हुए इस मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को तय की है। जनहित याचिका में दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक के पद को लेकर 10 फरवरी 2022 को दिल्ली सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
जनहित याचिका में ये मांग की गई है
याचिकाकर्ता व अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने याचिका में डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक के पद के लिए अधिकतम आयु सीमा तय करने की मांग की है। याचिका में यह भी घोषित करने की मांग की गई कि पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष होनी चाहिए।
याचिकाकर्ता ने कहा कि विज्ञापन के अनुसार कार्यकाल पांच साल का है और 65 साल की सेवानिवृत्ति की तारीख आंतरिक एवं बाहरी उम्मीदवारों के लिए समान है। याचिका में आगे कहा गया है कि राज्य सरकार ने एक उपयुक्त उम्मीदवार की अनुपलब्धता की आड़ में वर्तमान प्रबंध निदेशक का कार्यकाल चार बार बढ़ाया है, लेकिन मापदंडों को पूरा करने वाले लखनऊ मेट्रो, चेन्नई मेट्रो आदि अन्य मेट्रो से आवेदकों के लिए अधिकतम आयु अचानक कम कर दी है।यह पूरी तरह से मनमाना और अवैध प्रक्रिया है।