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Delhi NCR News: दिल्ली हाईकोर्ट ने आत्महत्या रोकने की पीआईएल पर सुनवाई से किया इनकार
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को आत्महत्याओं को रोकने के उपायों की मांग वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को सुझाव दिया कि वह अपनी मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों के पास प्रस्ताव देकर जाए।मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा कि हम आत्महत्या के मामलों में वृद्धि को स्वीकार करते हैं, लेकिन क्या किया जा सकता है? हम कौन से निर्देश जारी कर सकते हैं? समाज में बहुत सारी बुराइयाँ हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह के व्यापक सामाजिक मुद्दे पर पीआईएल के माध्यम से निर्देश जारी करना उचित नहीं है। याचिकाकर्ता को अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने की सलाह दी गई। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सामाजिक समस्याओं की जटिलता को रेखांकित किया। अदालत ने कहा कि आत्महत्या जैसी समस्या गहरी सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक कारणों से जुड़ी है, जिस पर केवल न्यायालय के निर्देशों से समाधान नहीं निकल सकता।
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नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को आत्महत्याओं को रोकने के उपायों की मांग वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को सुझाव दिया कि वह अपनी मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों के पास प्रस्ताव देकर जाए।मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा कि हम आत्महत्या के मामलों में वृद्धि को स्वीकार करते हैं, लेकिन क्या किया जा सकता है? हम कौन से निर्देश जारी कर सकते हैं? समाज में बहुत सारी बुराइयाँ हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह के व्यापक सामाजिक मुद्दे पर पीआईएल के माध्यम से निर्देश जारी करना उचित नहीं है। याचिकाकर्ता को अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने की सलाह दी गई। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सामाजिक समस्याओं की जटिलता को रेखांकित किया। अदालत ने कहा कि आत्महत्या जैसी समस्या गहरी सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक कारणों से जुड़ी है, जिस पर केवल न्यायालय के निर्देशों से समाधान नहीं निकल सकता।