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Delhi NCR News: दिल्ली हाईकोर्ट ने पीएफआई नेता अनीस अहमद को अंतरिम जमानत देने से किया इनकार
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने जेल में बंद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) नेता अनीस अहमद को अंतरिम जमानत देने से मना कर दिया है। अनीस अहमद अपनी मां और अन्य परिवारजनों से मुलाकात के लिए छह दिन की अंतरिम जमानत मांग रहे थे, क्योंकि उनके परिवार के सदस्य हज के लिए जाने वाले थे। न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह और न्यायमूर्ति मधु जैन की खंडपीठ ने कहा कि हज यात्रा का अत्यधिक महत्व है, लेकिन परिवार के सदस्यों का हज के लिए जाना अंतरिम जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं है। मामला यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत दर्ज है।
अनीस अहमद ने अपनी याचिका में कहा था कि हज उनके सांस्कृतिक रीति-रिवाजों का हिस्सा है और हज पर जाने वाले परिवारजनों से मिलकर आशीर्वाद लेना उनकी परंपरा है। इसके बावजूद अदालत ने याचिका खारिज कर दी। खंडपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि हालांकि धार्मिक यात्रा महत्वपूर्ण है, लेकिन आरोपी की कानूनी स्थिति और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अंतरिम जमानत नहीं दी जा सकती।
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने जेल में बंद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) नेता अनीस अहमद को अंतरिम जमानत देने से मना कर दिया है। अनीस अहमद अपनी मां और अन्य परिवारजनों से मुलाकात के लिए छह दिन की अंतरिम जमानत मांग रहे थे, क्योंकि उनके परिवार के सदस्य हज के लिए जाने वाले थे। न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह और न्यायमूर्ति मधु जैन की खंडपीठ ने कहा कि हज यात्रा का अत्यधिक महत्व है, लेकिन परिवार के सदस्यों का हज के लिए जाना अंतरिम जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं है। मामला यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत दर्ज है।
अनीस अहमद ने अपनी याचिका में कहा था कि हज उनके सांस्कृतिक रीति-रिवाजों का हिस्सा है और हज पर जाने वाले परिवारजनों से मिलकर आशीर्वाद लेना उनकी परंपरा है। इसके बावजूद अदालत ने याचिका खारिज कर दी। खंडपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि हालांकि धार्मिक यात्रा महत्वपूर्ण है, लेकिन आरोपी की कानूनी स्थिति और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अंतरिम जमानत नहीं दी जा सकती।
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