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Delhi: यूट्यूबर अमन धत्तरवाल के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा जारी, हाईकोर्ट का आदेश; जानें क्या है मामला
Sat, 17 May 2025 07:47 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sat, 17 May 2025 07:47 AM IST
सार
यह मामला रसायन शास्त्र के शिक्षक प्रेम प्रकाश धवन द्वारा दायर किया गया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पूर्व छात्र ने उनके द्वारा तैयार नोट्स को बिना श्रेय दिए अपने यूट्यूब चैनल पर डाल दिया।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में यूट्यूबर अमन धत्तरवाल के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा जारी की है। अदालत ने अपने शिक्षक की बिना अनुमति के उसके नोट्स को ऑनलाइन कोचिंग चैनल पर प्रकाशित करने पर यह आदेश जारी किया है। यह मामला रसायन शास्त्र के शिक्षक प्रेम प्रकाश धवन द्वारा दायर किया गया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पूर्व छात्र ने उनके द्वारा तैयार नोट्स को बिना श्रेय दिए अपने यूट्यूब चैनल पर डाल दिया।
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प्रेम प्रकाश धवन ने दावा किया कि धत्तरवाल ने उनके नोट्स का इस्तेमाल अपनी ऑनलाइन कोचिंग वेबसाइट पर किया, जिसके 11 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता हैं। धत्तरवाल ने कोर्ट में दलील दी कि उन्होंने नोट्स को मुफ्त में साझा किया था और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया था, लेकिन कोर्ट ने इसे सही नहीं माना।
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न्यायमूर्ति अमित बंसल ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आप किसी और के परिश्रम का इस्तेमाल बिना अनुमति नहीं कर सकते, चाहे वह व्यावसायिक हो या नहीं। शिक्षक ने कई साल की मेहनत से ये नोट्स तैयार किए, और आप उन्हें अपने चैनल पर डालकर इसका श्रेय नहीं ले सकते। अगर आप सामाजिक सेवा करना चाहते हैं, तो अपने खुद के नोट्स बनाइए।
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कोर्ट ने यह भी नोट किया कि धत्तरवाल ने पहले इस मामले को सुलझाने या माफी मांगने से इन्कार कर दिया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान धत्तरवाल ने कोर्ट में उपस्थित होकर माफी मांगने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने शर्त रखी कि इसका कोई प्रचार नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने इस शर्त को खारिज करते हुए कहा कि वे किसी भी तरह का गैग ऑर्डर पारित नहीं करेंगे। अंततः, दोनों पक्षों ने कोर्ट के बाहर समझौता कर लिया, और धत्तरवाल ने नोट्स को सभी प्लेटफॉर्म से हटा लिया।