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Ramdev: 'रामदेव पर किसी का काबू नहीं, अपनी ही दुनिया में रहते हैं', शरबत जिहाद केस में हाईकोर्ट की टिप्पणी

Thu, 01 May 2025 01:27 PM IST
अनुज कुमार पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 01 May 2025 01:27 PM IST
सार

'शरबत जिहाद' मामले पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि योग गुरु रामदेव किसी के नियंत्रण में नहीं हैं और अपनी ही दुनिया में रहते हैं। अवमानना नोटिस जारी करने की तैयारी में है।

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Delhi High Court issues contempt notice over Sharbat Jihad remark
बाबा रामदेव (फाइल फोटो) - फोटो : पतंजलि

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बार फिर बाबा रामदेव के हमदर्द कंपनी के शरबत पर 'शरबत जिहाद' वाली विवादित टिप्पणी मामले पर नाराजगी जताई है। साथ ही कोर्ट अवमानना नोटिस जारी करने की तैयार में है। कोर्ट ने पहले ही रामदेव को हमदर्द के उत्पादों के बारे में कोई भी बयान जारी करने से मना किया था। 

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रामदेव ने की कोर्ट की अवमानना
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को टिप्पणी करते हुए कहा कि योग गुरु बाबा रामदेव किसी के नियंत्रण में नहीं हैं और अपनी ही दुनिया में रहते हैं। रामदेव को शरबत जिहाद बयान पर प्रथम दृष्टया कोर्ट के आदेश की अवमानना का दोषी पाया। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने रामदेव को हमदर्द के उत्पादों के बारे में भविष्य में कोई बयान जारी न करने या वीडियो साझा न करने का आदेश दिया था।
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जस्टिस अमित बंसल ने गुरुवार को कहा कि कोर्ट के 22 अप्रैल के निर्देशों के बावजूद रामदेव ने आपत्तिजनक बयान देते हुए एक वीडियो जारी किया। वह किसी के नियंत्रण में नहीं हैं। वह अपनी ही दुनिया में रहते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि  हमदर्द नेशनल फाउंडेशन इंडिया ने विवादित टिप्पणी को लेकर रामदेव और उनकी पतंजलि फूड्स लिमिटेड के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
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पिछली सुनवाई पर ही दी थी कड़ी चेतावनी
इससे पहले बीती 22 अप्रैल को हुई हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने बाबा रामदेव के शरबत जिहाद वाले बयान पर नाराजगी जताई थी। न्यायमूर्ति अमित बंसल ने आदेश जारी करने की चेतावनी दी थी। कोर्ट ने कहा था कि इससे न्यायालय की अंतरात्मा को आघात पहुंचा है, इसका कोई औचित्य नहीं था। अदालत ने रामदेव का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील से निर्देश प्राप्त कर अगली सुनवाई में मौजूद रहने का आदेश दिया है। योग गुरु बाबा रामदेव ने तीन अप्रैल को अपने शरबत ब्रांड का प्रचार करते हुए हमदर्द कंपनी के शरबत पर विवादित टिप्पणी की थी।

हमदर्द के वकील ने अदालत को बताया था कि हाल ही में पतंजलि के गुलाब शरबत का प्रचार करते हुए रामदेव ने दावा किया था कि हमदर्द के रूह आफजा से अर्जित धन का उपयोग मदरसे और मस्जिद बनाने में किया गया। बाद में, रामदेव ने अपनी टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने किसी ब्रांड या समुदाय का नाम नहीं लिया। हमदर्द का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि यह मामला अपमान से परे है और यह 'सांप्रदायिक विभाजन' पैदा करने का मामला है।


वरिष्ठ वकील ने कहा, 'यह नफरत फैलाने वाला भाषण है। उनका कहना है कि यह शरबत जिहाद है। उन्हें अपना काम जारी रखना चाहिए। वह हमें क्यों परेशान कर रहे हैं?' चूंकि रामदेव के लिए मामले पर बहस करने वाले वकील उपलब्ध नहीं थे।

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