जेटली मानहानि केस: फर्जी ऐफिडेविट पेश करने पर केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मानहानि मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर अदालत के समक्ष झूठा शपथपत्र दायर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने अदालत से इस मुद्दे पर केजरीवाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
अदालत ने केजरीवाल को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। अदालत ने केजरीवाल को इस मुद्दे पर अपना जवाब चार सप्ताह में दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 11 दिसंबर तय की है।
जेटली ने केजरीवाल के खिलाफ मानहानि मामले में 10 करोड़ रुपये का मुकदमा किया हुआ है। इसके बाद अधिवक्ता राम जेठमलानी द्वारा 17 मई को जिरह के दौरान उन पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुकदमा दायर कर दिया था।
न्यायमूर्ति मनमोहन के समक्ष जेटली ने नया आवेदन दायर कर कहा कि केजरीवाल ने अदालत के समक्ष शपथपत्र दायर कर झूठ बोला है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी को इस प्रकार की कोई भी आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए नहीं कहा था।
उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ जेठमलानी ने उन्हें पत्र लिखकर कहा है कि उन्होंने जिरह के दौरान जिन शब्दों का प्रयोग किया था वह केजरीवाल के कहने पर ही किया था।
जेटली के वकील दी ये दलील
जेटली की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर व संदीप सेठी ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि केजरीवाल ने अदालत के समक्ष झूठा शपथपत्र दायर किया है कि उन्होंने अपने अधिवक्ता को ऐसे शब्दों का प्रयोग करने के लिए नहीं कहा था। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि उन्हें केजरीवाल के खिलाफ झूठा बयान देने और झूठा शपथपत्र दायर करने पर आपराधिक मुकदमा दायर करने की इजाजत दी जाए।
जेटली ने केजरीवाल व आम आदमी पार्टी के पांच अन्य नेताओं के खिलाफ दिल्ली एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के अध्यक्ष के रूप में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने पर 10 करोड़ मानहानि का मुकदमा दायर किया हुआ है।