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दिल्ली पुलिस बोली: 'भड़काऊ भाषण पर FIR का ये सही वक्त नहीं', अब अप्रैल में सुनवाई
Thu, 27 Feb 2020 03:24 PM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Thu, 27 Feb 2020 03:24 PM IST
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दिल्ली उच्च न्यायालय
- फोटो : ANI
अदालत ने शाहीन बाग में सीएए का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ द्वेषपूर्ण भाषण के मामले केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और उनके सहयोगी भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा पर एफआईआर दर्ज करने के मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई। अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार को एक पार्टी बनाते हुए अपना जवाब दाखिल करने के लिए तीन हफ्ते का समय देते हुए 13 अप्रैल तक सुनवाई टाल दी है।
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कल इस मामले की सुनवाई जस्टिस एस. मुरलीधर और जस्टिस तलवंत सिंह की बेंच ने की थी। आज इस मामले की सुनवाई जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस सी हरि शंकर की बेंच ने की।
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सुनवाई की शुरुआत में दिल्ली पुलिस के वकील सॉलिसीटर जनरल तुषार ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अपने बुद्धिमत्ता के हिसाब से तीन भाषणों को विद्वेष पूर्ण भाषण माना है लेकिन ऐसे बहुत से भाषण हैं। इसके साथ ही आज एक बार फिर तुषार मेहता ने इस मामले में केंद्र सरकार को सुने जाने का आवेदन किया।
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इसके बाद दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि उन्होंने यह फैसला लिया है कि वो विद्वेषपूर्ण भाषणों पर एफआईआर दर्ज नहीं करेंगे क्योंकि इसका ये सही समय नहीं है। इससे शांति बहाली में कोई मदद नहीं मिलेगी और दिल्ली के हालात सामान्य नहीं होंगे। दिल्ली पुलिस ने ये भी बताया कि हिंसा के मामले में अब तक उन्होंने 48 एफआईआर दर्ज कर ली है।