फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi High Court gave three months time to panel constituted to investigate issue deepfakes

DeepFake Case: हाईकोर्ट का डीपफेक पर कड़ा रुख, जांच रिपोर्ट तीन महीने में पेश के निर्देश, जानें क्या है मामला

Tue, 25 Mar 2025 07:54 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 25 Mar 2025 07:54 AM IST
सार

डीपफेक के मुद्दे की जांच और इससे संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने गठित पैनल के लिए समय दे दिया है। होईकोर्ट देश में डीपफेक तकनीक के गैर-नियमन और इसके संभावित दुरुपयोग के खतरे के खिलाफ तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

विज्ञापन
Delhi High Court gave three months time to panel constituted to investigate issue deepfakes
Court Room - फोटो : ANI

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को डीपफेक के मुद्दे की जांच करने और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए गठित पैनल को तीन माह का समय दिया। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने समिति को निर्देश दिया कि वह इस मुद्दे की जांच करते समय याचिकाकर्ताओं के सुझावों पर भी विचार करे।

विज्ञापन


21 जुलाई को होगी डीपफेक मामले पर सुनवाई
पीठ ने कहा कि अगली तारीख तक हम उम्मीद करते हैं कि समिति विचार-विमर्श पूरा कर लेगी और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मामले की सुनवाई 21 जुलाई को होगी। अदालत देश में डीपफेक तकनीक के गैर-नियमन और इसके संभावित दुरुपयोग के खतरे के खिलाफ तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
विज्ञापन


डीपफेक तकनीक वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग और छवियों के निर्माण की सुविधा प्रदान करती है जो एक व्यक्ति को दूसरे पर लगाकर उनके शब्दों और कार्यों को बदलकर, इस प्रक्रिया में गलत सूचना फैलाकर दर्शकों को हेरफेर और गुमराह कर सकती है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस मुद्दे से निपटने के लिए 20 नवंबर, 2024 को एक समिति के गठन की जानकारी दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सोमवार को मंत्रालय के वकील ने एक स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की और कहा कि समिति ने दो बैठकें की हैं। वकील ने कहा कि समिति को इस मुद्दे पर और विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है और एक व्यापक रिपोर्ट दाखिल करने के लिए तीन महीने का समय मांगा। अदालत ने नवंबर 2024 में केंद्र को समिति के लिए सदस्यों को नामित करने का निर्देश दिया।

हाईकोर्ट ने यूपी के डीजीपी से मांगी रिपोर्ट
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिया है कि वे दिल्ली के एक निवासी को बिना स्थानीय पुलिस को सूचित किए गिरफ्तार करने के मामले में जांच रिपोर्ट दाखिल करें। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस रजनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने यूपी पुलिस के वकील को नोटिस जारी किया। 20 मार्च को कोर्ट के आदेश में कहा गया कि यूपी पुलिस के डीजीपी को रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।

 ये भी पढ़ें: Justice Yashwant Varma: जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजने की सिफारिश, विरोध में वकील हड़ताल पर

यह मामला एक याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें आरोप लगाया गया कि 18 फरवरी को दिल्ली के कनॉट प्लेस से यूपी पुलिस ने एक व्यक्ति को बिना दिल्ली पुलिस को सूचित किए हिरासत में लिया और उसे अज्ञात स्थान पर ले गई। इसके बाद 19 फरवरी को यूपी की एक अदालत ने याचिकाकर्ता को रिहा कर दिया। कोर्ट ने पहले कहा था कि अंतरराज्यीय गिरफ्तारी निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किए बिना नहीं की जा सकती और ग्रेटर नोएडा के पुलिस आयुक्त को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।

खंडपीठ ने एक वीडियो क्लिप का संज्ञान लिया, जिसमें कथित तौर पर दावा किया गया कि याचिकाकर्ता हाईकोर्ट के आदेशों का दुरुपयोग कर रहा  था। कोर्ट ने कहा कि किसी भी पक्ष को न्यायिक आदेशों का दुरुपयोग या गलत व्याख्या नहीं करनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed