फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi High Court extended permits of cluster buses till July 15

क्लस्टर बसों को अंतरिम राहत: 15 जुलाई तक चला सकेंगे बसें, दिल्ली सरकार को हाईकोर्ट ने किया तलब; ये है मांगें

Wed, 12 Jun 2024 05:48 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 12 Jun 2024 05:48 PM IST
सार

दिल्ली में क्लस्टर बस ऑपरेटरों ने मध्यस्थता और सुलह अधिनियम के तहत अंतरिम उपायों का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने क्लस्टर बसों के परमिट को 15 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया है।

विज्ञापन
Delhi High Court extended permits of cluster buses till July 15
परमिट को 15 जुलाई तक बढ़ाया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उच्च न्यायालय ने दिल्ली में बसों की संभावित कमी को रोकने के लिए कदम उठाते हुए क्लस्टर बसों के परमिट 15 जुलाई तक बढ़ा दिए गए हैं। परमिट खत्म होने पर करीब 1,000 सार्वजनिक बसों के सड़कों से गायब होने का खतरा था। साथ ही अदालत ने दिल्ली सरकार को याचिकाओं पर जवाब देने के लिए 15 दिन का समय देते हुए सुनवाई 15 जुलाई तय की है।

विज्ञापन

10 साल का अनुबंध हो रहा था खत्म
अदालत ने यह कदम कुछ क्लस्टर बस सेवा ऑपरेटरों द्वारा उठाई गई चिंताओं के बाद उठाया गया है, जिनके अनुबंध इस महीने समाप्त होने वाले थे। वर्तमान में दिल्ली में 3,147 क्लस्टर बसें चल रही हैं जिनमें से 997 का संचालन बंद होना तय था क्योंकि दिल्ली परिवहन विभाग के साथ उनका 10 साल का अनुबंध 19 जून को समाप्त हो रहा था। इन बसों को इलेक्ट्रिक बसों में बदलने की सरकार की योजना में देरी हुई, जिसके कारण इस अंतरिम राहत की आवश्यकता पड़ी।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्लस्टर बसों का परमिट 15 जुलाई तक बढ़ा
क्लस्टर बस सेवाएं प्रदान करने वाली तीन कंपनियों - मेट्रो ट्रांजिट प्राइवेट लिमिटेड, एंटनी रोड ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और गोवर्धन ट्रांसपोर्ट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने दिल्ली उच्च न्यायालय से अंतरिम राहत मांगी। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने उनकी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए परमिट को 15 जुलाई तक बढ़ाने का निर्देश दिया।

विज्ञापन

ऑपरेटरों ने उठाई ये मांगे
इस निर्णय के बाद सार्वजनिक बसें तब तक सुचारू रूप से चलती रहेंगी जब तक कि कोई और निर्णय न हो जाए। याचिकाओं में उठाए गए प्रमुख बिंदुओं में से एक यह अनुरोध था कि बेड़े की सभी बसों के संचालन के 10 साल पूरे होने तक परमिट की वैधता बढ़ाई जाए। इस उपाय का उद्देश्य पूरे बेड़े की निरंतरता बनाए रखना है, यह सुनिश्चित करना कि बसें अगर सड़क पर चलने लायक हैं तो चालू रहें।

2013 में हुआ था करार
यह विवाद राजधानी में स्टेज कैरिज सेवाओं के संचालन, रखरखाव और प्रबंधन के लिए कंपनियों और दिल्ली सरकार के बीच 2013 में किए गए समझौतों से उपजा है। जबकि कानूनी प्रक्रिया चल रही है, उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से क्लस्टर बस ऑपरेटरों और यात्रियों दोनों को अस्थायी राहत मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed