Delhi High Court: सेंट्रल रिज दिल्ली का फेफड़ा, हाईकोर्ट ने कहा- असुरक्षित इमारतों को जाना होगा
सेंट्रल रिज दिल्ली में उत्तरी अरावली तेंदुआ वन्यजीव गलियारे में स्थित है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंट्रल रिज के अंदर 63 संरचानाओं की मौजूदगी पर चिंता जतायी है
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी दिल्ली में सेंट्रल रिज के अंदर 63 संरचानाओं की मौजूदगी पर चिंता जतायी है। कोर्ट ने कि सुरक्षा के बिना संस्थानों को अनुमति नहीं दी जा सकती और उन्हें जाना होगा। अदालत ने कहा सेंट्रल रिज दिल्ली के फेफड़ों के रूप में कार्य करता है। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने कहा की संरचनाओं को सुरक्षा कैसे मिल सकती है? 63 कोई छोटी संख्या नहीं है। यह एक बड़ी संख्या है। सेंट्रल रिज दिल्ली का फेफड़ा है। 63 संरचनाएं कैसे हो सकती हैं? ये क्या हैं और सुरक्षा क्या है? यदि कोई सुरक्षा नहीं है, तो संरचना को ख़त्म करना होगा।
सेंट्रल रिज, जो 864 हेक्टेयर से अधिक तक फैला हुआ है, दिल्ली में उत्तरी अरावली तेंदुआ वन्यजीव गलियारे में स्थित है। इसे वर्ष 1914 में एक आरक्षित वन में बनाया गया था। अदालत एक अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एमिकस क्यूरी, वकील गौतम नारायण और आदित्य एन प्रसाद ने उन मामलों से संबंधित कुछ मुद्दों को उठाते हुए एक संक्षिप्त याचिका दायर की थी, जहां पार्टियों को राष्ट्रीय राजधानी में पेड़ लगाने के निर्देश दिए गए थे। सुनवाई के दौरान उप वन संरक्षक पश्चिम वन प्रभाग ने बताया कि 864 हेक्टेयर चौड़े रिज क्षेत्र में कुछ आश्रमों सहित 63 संरचनाएं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि संरचनाएं एमसी मेहता मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले अस्तित्व में थीं, जिसमें संस्थानों को अपनी उपस्थिति जारी रखने की अनुमति दी गई थी, इस शर्त के अधीन कि वे रिज पर अपने कब्जे का विस्तार नहीं करेंगे। अदालत ने दिल्ली सरकार को 63 संरचनाओं की स्थिति और उनके बारे में अधिकारियों के रुख को दर्शाते हुए एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
डीसीएफ ने अदालत को सूचित किया कि पिछले दो महीनों में सेंट्रल रिज से 14 ट्रक निर्माण और विध्वंस सामग्री और 10 ट्रक नगरपालिका ठोस कचरा हटा दिया गया है। अदालत ने कहा यह अस्वीकार्य है क्योंकि पहली नज़र में सेंट्रल रिज में कोई निर्माण या विध्वंस सामग्री या नगरपालिका ठोस अपशिष्ट नहीं होना चाहिए था। अदालत ने अब इस मामले की सुनवाई 9 अक्टूबर तय की है।