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व्हिसल ब्लोअर एक्ट: दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज, कहा- अदालत अधिनियम पारित करने का निर्देश नहीं दे सकती

Wed, 23 Feb 2022 03:17 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 23 Feb 2022 03:17 PM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने व्हिसल ब्लोअर संरक्षण अधिनियम को लागू करने के लिए केंद्र को निर्देश देने के लिए लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया है।
 

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Delhi High Court dismissed petition seeking directions to parliament to implement Whistle Blower Protection Act
delhi HC

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र को कानून लागू करने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। इस याचिका में व्हिसल ब्लोअर संरक्षण अधिनियम, 2014 को लागू करने के लिए केंद्र को निर्देश देने की अपील की गई थी। कोर्ट ने कहा कि कानून बनाना संसद या राज्य विधानमंडल द्वारा किया जाने वाला एक संप्रभु कार्य है। कोई अदालत कानून पारित करने के लिए निर्देश जारी नहीं कर सकती है।

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हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य विधानमंडल लोगों की इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है और कानून बनाना और उसे लागू करना संसद या राज्य विधानमंडल के अधीन है। कानून और कुछ नहीं बल्कि लोगों की इच्छा है और वे (राज्य विधानमंडल) लोगों की इच्छा को बल प्रदान कर रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा कि हम संसद के संप्रभु कार्य के लिए नोटिस जारी नहीं कर सकते।
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अदालत वर्तमान में गुरु तेग बहादुर अस्पताल में तैनात फ्रंटलाइन कोविड-19 वर्कर वरिष्ठ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद अजाजुर रहमान द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें केंद्र को व्हिसल ब्लोअर संरक्षण अधिनियम को लागू करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। 
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याचिकाकर्ता के वकील पायल बहल ने कहा कि व्हिसल ब्लोअर संरक्षण अधिनियम, 2014 को लागू नहीं किया गया है। पीठ ने कहा कि संसद द्वारा कानून बनाना और इसे लागू करना विशुद्ध रूप से संप्रभु कार्य है और इसलिए कोई रिट या आदेश या निर्देश जारी नहीं हो सकता है।

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