मुफ्त पानी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट हुआ सख्त, कहा- 'फ्री में क्यों दिया जा रहा अमीरों को पानी'
आम आदमी पार्टी का दिल्लीवासियों को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने की नीति पर दिल्ली हाईकोर्ट ने आलोचना की है। कोर्ट ने कहा कि पानी उनको फ्री में दिया जाए जो वाकई में जरूरतमंद हो, बाकि किसी को ऐसे पानी देने की कोई जरूरत नहीं है।
कोर्ट ने यह टिप्पणी उस समय की जब वरिष्ठ वकील और न्याय मित्र राकेश खन्ना ने इस तथ्य की ओर ध्यान आर्कषित किया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की बैंच ने कहा, किसी को कुछ भी मुफ्त में नहीं दिया जाना चाहिए।
आप 10 पैसे लो या एक पैसा। कुछ भी मुफ्त नहीं दिया जाना चाहिए, सिवाय उनके जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत हो, जैसे गरीब।
20 लीटर पानी मुफ्त देने पर पानी का हुआ है संरक्षण
वहीं दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दयान कृष्णन ने अपने नीति का बचाव करते हुए कहा, 20 लीटर पानी मुफ्त देने पर पानी का संरक्षण हुआ है। लोग अपने जरूरत के हिसाब से ही पानी का प्रयोग कर रहे हैं।
बैंच ने कहा कि बहुत से लोग हैं जो स्वीकृत सीमा से ऊपर कई मंजिल अवैध तरीके से बनवाकर रह रहें हैं। ऐसे लोग कैसे मुफ्त पानी का लाभ उठा रहे हैं जबकि ये सभी लोग पानी का भुगतान करने में सक्षम हैं। अगर स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों को मुफ्त पानी दिया जाता तो एक बार इसे समझा जा सकता था।