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हाईकोर्ट: क्वारंटीन केंद्र में अव्यवस्था संबधी याचिका पर दिल्ली सरकार को कार्रवाई करने का निर्देश
Thu, 27 May 2021 02:38 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Thu, 27 May 2021 02:38 PM IST
सार
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने दिल्ली सरकार से कहा कि याचिका में जिन मुद्दों का उल्लेख किया गया है वह उन पर तत्काल एवं जल्द से जल्द कार्रवाई करे। इस निर्देश के साथ ही अदालत ने याचिका का निबटारा कर दिया।
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delhi high court
- फोटो : PTI
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विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में दावा किया गया है कि कोविड-19 के मरीजों के लिए यहां सुल्तानपुरी स्थित एक पृथक-वास केंद्र ‘अस्वच्छ’ है, ‘रहने योग्य नहीं है’ और वहां पर मरीजों को देखने के लिए चिकित्सा पेशेवरों की कमी है। इस पर अदालत ने गुरुवार को दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह जनहित याचिका को अभिवेदन मानते हुए उसमें उठाए गए मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करे।
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मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने दिल्ली सरकार से कहा कि याचिका में जिन मुद्दों का उल्लेख किया गया है वह उन पर तत्काल एवं जल्द से जल्द कार्रवाई करे। इस निर्देश के साथ ही अदालत ने याचिका का निबटारा कर दिया।
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याचिका जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने दायर की थी। इसमें इस छात्रा ने कहा था कि विश्वविद्यालय परिसर में रहने के दौरान वह कोरोना वायरस संक्रमण से ग्रस्त हो गई और उसे सुल्तानपुरी स्थित पृथक-वास केंद्र भेजा गया था।
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छात्रा ने दावा किया कि वह यह देखकर हैरान रह गई कि केंद्र में साफ-सफाई नहीं थी तथा मरीजों को कोई सुविधाएं भी नहीं दी गई थीं। याचिका में उसने कहा कि केंद्र में चार दिन रहने के दौरान उसने पाया कि वहां पर मरीज अपनी बीमारी के कारण ही नहीं बल्कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण परेशान हो रहे थे। उसने कहा कि केंद्र में कोई चिकित्सक या नर्स मरीजों को देखने नहीं आता था।