Delhi: हाईकोर्ट का एएसआई को निर्देश- 6 हफ्ते में तुगलकाबाद किला और आसपास से हटाएं अतिक्रमण
एएसआई के वकील ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) सहित दूसरे विभागों के असहयोग के कारण अतिक्रमण हटाने में असमर्थता व्यक्त की। निगम और प्राधिकरण सहित विभागों के वकीलों ने एएसआई को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है।
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने तुगलकाबाद किला और आसपास के क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को छह हफ्ते का वक्त दिया है। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायाधीश सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने स्पष्ट किया कि आदेश का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए गठित समिति के सदस्यों को पेश होने के लिए कहा गया है। 2017 में 1993 में मौजूद संरचनाओं के सर्वेक्षण और निगरानी के लिए कमेटी गठित की गई थी। न्यायालय ने इस मामले को 16 जनवरी को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
एएसआई के वकील ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) सहित दूसरे विभागों के असहयोग के कारण अतिक्रमण हटाने में असमर्थता व्यक्त की। निगम और प्राधिकरण सहित विभागों के वकीलों ने एएसआई को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है। पीठ ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए बिजली की आपूर्ति को बंद करने के लिए बीएसईएस से सहयोग करने को कहा। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों और समिति सदस्यों को स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि तथ्य यह है कि किले के भीतर अब भी अतिक्रमण है।
अदालत ने 2017 में गठित की थी समिति
उच्च न्यायालय की ओर से 2017 में कमेटी गठित की गई थी। इसमें कहा गया था कि संरचनाओं के सर्वेक्षण के जरिये यह 1993 में अस्तित्व में मौजूद संरचनाओं की संख्या बताने को कहा गया था। समिति में डीडीए के उपाध्यक्ष, एसडीएमसी के आयुक्त, एएसआई के एक वरिष्ठ अधिकारी या समकक्ष शामिल हैं। एएसआई के महानिदेशक, दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त और राजस्व सचिव के साथ-साथ आईएनटीएसीएच (इनटैक) के एक प्रतिनिधि को एक स्वतंत्र पर्यवेक्षक को शामिल करने का निर्देश दिया था। उच्च न्यायालय ने पहले क्षेत्र में सभी भूमि लेनदेन और निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी थी।
शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट को दिया था निगरानी का निर्देश
एतिहासिक किले की रक्षा, रखरखाव और संरक्षण के लिए 2001 की एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने दिल्ली उच्च न्यायालय को निगरानी रखने का निर्देश दिया था। अदालत ने पहले यह भी कहा था कि तुगलक वंश के संस्थापक ग्यासुद्दीन तुगलक की ओर से 1321 ईस्वी में बनाए गए किले की सुरक्षा के लिए शीर्ष अदालत के निर्देश का उल्लंघन किया किया। शीर्ष अदालत ने फरवरी 2016 में पूरे तुगलकाबाद किले को संरक्षित घोषित करते हुए एएसआई को निर्देश दिया था कि वह वहां किसी भी तरह की जमीन पर कब्जा या अतिक्रमण ना करने दें।