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हाईकोर्ट का बड़ा निर्देश, 'बिना भय के समिति के सामने पेश हों मुख्य सचिव'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 25 Jul 2018 08:49 AM IST
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anshu prakash
- फोटो : अमर उजाला
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हाईकोर्ट ने फिर मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को विधानसभा समिति के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने आश्वासन दिया है कि वह किसी भी सजा से पूरी तरह सुरक्षित है इसलिए वह बिना किसी भय के विधानसभा समिति के समक्ष पेश हों।
जस्टिस विभू बाखरू ने कहा कि कोर्ट ने 13 जुलाई के अपने आदेश में साफ कर दिया था कि अधिकारियों को सरकार की बैठकों में हिस्सा लेना होगा लेकिन उनकी याचिकाओं पर फैसला होने तक उन पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
हाईकोर्ट ने यह प्रतिक्रिया अंशु प्रकाश की ओर से दायर याचिका पर दिया था। मुख्य सचिव ने अपनी याचिका में 13 जुलाई के आदेश को स्पष्ट करने का आग्रह किया था।
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कोर्ट ने यह भी कहा कि अधिकारी समिति के समक्ष पेश नहीं होते हैं तो इसे अदालती अवमानना माना जाएगा। मुख्य सचिव के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्घार्थ लूथरा ने कोर्ट से कहा कि विशेषाधिकार समिति चेयरमैन उनके प्रति पक्षपात व दुराग्रह रखते हैं।
एक वरिष्ठ नौकरशाह के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा मुख्य सचिव पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं होगी।
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जस्टिस विभू बाखरू ने कहा कि कोर्ट ने 13 जुलाई के अपने आदेश में साफ कर दिया था कि अधिकारियों को सरकार की बैठकों में हिस्सा लेना होगा लेकिन उनकी याचिकाओं पर फैसला होने तक उन पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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हाईकोर्ट ने यह प्रतिक्रिया अंशु प्रकाश की ओर से दायर याचिका पर दिया था। मुख्य सचिव ने अपनी याचिका में 13 जुलाई के आदेश को स्पष्ट करने का आग्रह किया था।
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कोर्ट ने यह भी कहा कि अधिकारी समिति के समक्ष पेश नहीं होते हैं तो इसे अदालती अवमानना माना जाएगा। मुख्य सचिव के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्घार्थ लूथरा ने कोर्ट से कहा कि विशेषाधिकार समिति चेयरमैन उनके प्रति पक्षपात व दुराग्रह रखते हैं।
एक वरिष्ठ नौकरशाह के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा मुख्य सचिव पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं होगी।