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हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा सवाल, कहा- ऑटो में पैनिक बटन या जीपीएस लगाने में छूट क्यों

Thu, 19 Apr 2018 05:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 19 Apr 2018 05:32 AM IST
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Delhi High Court asked the central government, why not allow panic button or GPS installed in auto

हाईकोर्ट ने ऑटो व ई-रिक्शा में पैनिक बटन या जीपीएस लगाने से छूट प्रदान करने की केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाया है। जबकि, दिल्ली सरकार ने 2010 में इसे अनिवार्य कर दिया था। हाईकोर्ट ने पूछा है कि जब महिलाओं व बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही है ऐसे में सरकार ऐसी नीति कैसे बना सकती है। केंद्र को दिल्ली सरकार के नीति से सहमत होना चाहिए।  

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जस्टिस राजीव शकधर ने यह टिप्पणी ऑटो रिक्शा चालक संघ की याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को की। याची ने ऑटो रिक्शा में जीपीएस अथवा जीपीआरएस लगाने से छूट मांगी है। कोर्ट ने पूछा है कि तिपहिया तथा ई-रिक्शा को इससे छूट क्यों मिलनी चाहिए। अदालत ने केंद्र, दिल्ली सरकार व दिल्ली इंटिग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्ट्स) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।   
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कोर्ट ने याची की दलील पर केंद्र सरकार के स्थायी अधिवक्ता अनुराग अहलूवालिया को इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से निर्देश लाने के लिए कहा है। कोर्ट ने पूछा कि केंद्र सरकार की अधिसूचना क्या दिल्ली सरकार की अधिसूचना के आड़े नहीं आएगी। अधिसूचना के प्रभाव के मद्देनजर इसकी पड़ताल जरूरी है। वकील ने कहा दिल्ली सरकार को यह बताना होगा कि क्या वह एक अप्रैल को लागू होने वाली केंद्र की अधिसूचना का पालन करेगी? कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि क्या केंद्र की अधिसूचना जारी होने के बाद उसकी अधिसूचना प्रभावी रहेगी।   

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