{"_id":"6a3bda463c0946fa0803c28d","slug":"delhi-high-court-adjourns-hearing-in-al-falah-trust-money-laundering-case-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-142485-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: दिल्ली हाईकोर्ट ने अल-फलाह ट्रस्ट मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई टाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: दिल्ली हाईकोर्ट ने अल-फलाह ट्रस्ट मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई टाली
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने अल-फलाह ट्रस्ट मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जावेद अहमद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार को स्थगित कर दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट में अपना स्टेटस रिपोर्ट सौंपा, जिसके बाद न्यायमूर्ति ने मामले को 8 जुलाई के लिए स्थगित कर दिया।
सिद्दीकी अपनी पत्नी, जो स्टेज-चार ओवेरियन कैंसर से पीड़ित हैं, की देखभाल के लिए छह सप्ताह की अंतरिम जमानत मांग रहे हैं। सिद्दीकी अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन और संबंधित चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी हैं। ईडी ने नवंबर 2025 में उन्हें गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने फर्जी अक्रीडिटेशन दावों के जरिए और फंड्स को परिवार की कंपनियों में डाइवर्ट करके करीब 493 करोड़ रुपये की अवैध आय जुटाई। ईडी ने अब तक इस मामले में यूनिवर्सिटी की जमीन समेत लगभग 140 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा है और नवंबर 2025 में दिल्ली क्षेत्र में हुई एक आतंकवाद संबंधी घटना की जांच से भी इसका लिंक पाया गया है। सिद्दीकी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि उनकी पत्नी की हालत गंभीर है और उन्हें तत्काल देखभाल की जरूरत है। ईडी ने जमानत का विरोध किया है।
विज्ञापन
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने अल-फलाह ट्रस्ट मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जावेद अहमद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार को स्थगित कर दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट में अपना स्टेटस रिपोर्ट सौंपा, जिसके बाद न्यायमूर्ति ने मामले को 8 जुलाई के लिए स्थगित कर दिया।
सिद्दीकी अपनी पत्नी, जो स्टेज-चार ओवेरियन कैंसर से पीड़ित हैं, की देखभाल के लिए छह सप्ताह की अंतरिम जमानत मांग रहे हैं। सिद्दीकी अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन और संबंधित चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी हैं। ईडी ने नवंबर 2025 में उन्हें गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने फर्जी अक्रीडिटेशन दावों के जरिए और फंड्स को परिवार की कंपनियों में डाइवर्ट करके करीब 493 करोड़ रुपये की अवैध आय जुटाई। ईडी ने अब तक इस मामले में यूनिवर्सिटी की जमीन समेत लगभग 140 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा है और नवंबर 2025 में दिल्ली क्षेत्र में हुई एक आतंकवाद संबंधी घटना की जांच से भी इसका लिंक पाया गया है। सिद्दीकी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि उनकी पत्नी की हालत गंभीर है और उन्हें तत्काल देखभाल की जरूरत है। ईडी ने जमानत का विरोध किया है।
विज्ञापन