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Delhi: ई-चालान को लिया हल्के में तो लगेगा भारी जुर्माना, व्यवस्था लागू लेकिन जनता में जागरूकता का अभाव
Sun, 10 May 2026 06:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सनी सिंह, नई दिल्ली
सनी सिंह, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 10 May 2026 06:02 AM IST
सार
दिल्ली में हजारों लोग यही गलती कर रहे हैं। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि राजधानी के बड़ी संख्या में वाहन चालकों को यह तक नहीं पता कि ई-चालान का 45 दिन के भीतर निपटारा जरूरी है।
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cctv/ e-challan/ई-चालान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मोबाइल पर आया ई-चालान और उसे देखकर बाद में भर देंगे, ये सोचकर नजरअंदाज किया तो भारी पड़ सकता है। दिल्ली में हजारों लोग यही गलती कर रहे हैं। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि राजधानी के बड़ी संख्या में वाहन चालकों को यह तक नहीं पता कि ई-चालान का 45 दिन के भीतर निपटारा जरूरी है। समयसीमा पार होने पर मामला अदालत तक पहुंच सकता है और वाहन से जुड़े कई जरूरी काम भी अटक सकते हैं।
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राजधानी की सड़कों पर कैमरों की निगरानी लगातार बढ़ रही है। रेड लाइट जंप करना, सीट बेल्ट न लगाना, ओवरस्पीडिंग या गलत लेन में वाहन चलाना, हर छोटी गलती कैमरे में रिकॉर्ड हो रही है और सीधे मोबाइल पर ई-चालान पहुंच रहे हैं। लेकिन लोगों की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि उन्हें नियमों और उसके परिणामों की पूरी जानकारी ही नहीं है।
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अमर उजाला की टीम ने पूर्वी दिल्ली, आईटीओ, लक्ष्मी नगर, आनंद विहार और कश्मीरी गेट, कनॉट प्लेस, अशोका रोड, पंचकुईंया रोड आदि इलाकों में वाहन चालकों से बात की। ज्यादातर लोगों ने माना कि उन्हें 45 दिन वाले नियम की जानकारी नहीं थी। कई लोगों ने कहा कि वे ई-चालान का मैसेज देखकर उसे सामान्य नोटिफिकेशन समझकर छोड़ देते हैं।
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दिल्ली में कैमरा आधारित निगरानी व्यवस्था तेजी से मजबूत हुई है, लेकिन जागरूकता उतनी नहीं बढ़ी। लोगों को सिर्फ चालान भेज देना काफी नहीं है। उन्हें यह भी समझाना जरूरी है कि लंबित ई-चालान भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानी बन सकते हैं। तय समय सीमा में ई-चालान का निपटारा नहीं होने पर मामला अदालत तक पहुंच सकता है। साथ ही वाहन बेचने, आरसी ट्रांसफर कराने, फिटनेस और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में भी बाधा आ सकती है।
-कमर अहमद, पूर्व आईपीएस