Delhi: एलजी के एक्शन पर स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज का पलटवार, ओएसडी को सस्पेंड करने से जुड़ा है मामला
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने निजी नर्सिंग होम के अनियमित और अवैध पंजीकरण में कथित संलिप्तता के लिए स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज के ओएसडी डॉ. आरएन दास के निलंबन को मंजूरी दे दी है।
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दिल्ली के राजभवन की ओर से एक आदेश जारी किया गया है। जिसके बाद विजिलेंस विभाग ने कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य मंत्री के ओएसडी आरएन दास को सस्पेंड कर दिया है। जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल पर निशाना साधा।
राजभवन की ओर से जारी आदेश
आदेश में कहा गया है कि जिस अवधि में यह आदेश लागू रहेगा, उस अवधि के दौरान डॉ. आर.एन सस्पेंड रहेंगे। आदेश में कहा गया है कि दास अपने निलंबन की अवधि के दौरान अवकाश वेतन के बराबर राशि पर निर्वाह भत्ते के हकदार होंगे, जो उन्होंने मिल रहा है। यह आदेश दिल्ली के राजभवन से जारी हुआ। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने उनके ऊपर कार्रवाई की है। आईएएस अधिकारी वाईवीवीजे राजशेखर की सिफारिश पर कार्रवाई हुई है।
सौरभ भारद्वाज ने एलजी पर साधा निशाना
मंत्री सौरभ भारद्वाज ने ओएसडी को निलंबित करने पर उपराज्यपाल पर हमला बोला है। उनका आरोप है कि विभाग का काम ठप करने की मंशा से जानबूझकर अधिकारियों को निकाला जा रहा है।
उपराज्यपाल इस बात से परेशान हैं कि एक घंटे के भीतर मंत्री के कार्यालय से उनकी चिट्ठी का जवाब कैसे दे दिया जाता है। एक साल के भीतर मेरे कार्यालय से लगभग सभी सलाहकारों, फेलो व ओएसडी को निकाल दिया गया है। अब अधिकारियों पर कोई न कोई मुकदमा चलाने की कोशिश की जा रही है। उपराज्यपाल चाहते हैं कि मंत्री के कार्यालय को बिल्कुल खाली कर दिया जाए। जांच के नाम पर अप्रत्यक्ष रूप से सरकार के कामों में बाधा डालने की साजिश की जा रही है।
सौरभ भारद्वाज के ओएसडी की भूमिका संदिग्ध : सचदेवा
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कि विवेक विहार स्थित आग ग्रस्त शिशु अस्पताल मामले में स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज के ओएसडी एवं 2021 में तत्कालीन मेडिकल सुपरिटेंडेंट नर्सिंग होम डाॅ आरएन दास की भूमिका संदिग्ध है।
वर्ष 2021 में स्वास्थ्य विभाग ने एक इंस्पेक्शन में इस शिशु अस्पताल को केवल पांच बच्चों की देखभाल योग्य पाया था पर तब डाॅ दास ने अस्पताल मालिक के आवेदन के आधार पर बिना जांच 10 बच्चों के इलाज की क्षमता स्वीकृत करने का प्रयास किया था और फीस जमा भी करवा दी थी। इसके बावजूद अस्पताल में 12 बच्चे भर्ती थे, जो साफ करता है कि अस्पताल लगातार अनधिकृत रूप से चल रहा था और इसे दिल्ली सरकार का संरक्षण प्राप्त था।
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा : भारद्वाज
स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि अगर गलती डॉ. दास की होगी तो उन पर भी कार्रवाई होगी। वीरेंद्र सचदेवा झूठ बोल रहे हैं। अस्पताल को 5 बेड की ही इजाजत दी गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने पहले भी इस आदमी पर दो मुकदमें दर्ज किए हैं जो कोर्ट में लंबित हैं। मैं 2023 में मंत्री बना और अस्पताल की इंस्पेक्शन और रजिस्ट्रेशन 2021 में हुई है। मेरे नाम को इस 2021 की इंस्पेक्शन से जोड़ने वालों पर कानूनी कार्रवाई करूंगा।