पैसे जमा ना करने पर जीबी पंत अस्पताल ने इलाज से किया मना, HC बोला मुफ्त में करें सर्जरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने 11 साल की बच्ची का इलाज पैसा नहीं जमा किए जाने पर भी करने का निर्देश जीबी पंत अस्पताल को दिया है।
यह बच्ची हृदय रोग से पीड़ित है और उसकी सर्जरी की जानी है लेकिन पैसा नहीं जमा किए जाने के कारण जीबी पंत ने इलाज करने से मना कर दिया था।
जस्टिस विभू बाखरू ने निर्देश दिया है कि बच्ची का इलाज फौरन शुरू किया जाए। दिल्ली सरकार इस बात की पड़ताल कर सकती है कि बच्ची मुफ्त इलाज की हकदार है या नहीं।
अगर पिता हुए सक्षम तो वसूली जा सकती है इलाज की राशि
यदि दिल्ली सरकार बच्ची को इसकी अधिकारी नहीं पाती तो उसके पिता से इलाज पर खर्च की गई राशि वसूल की जा सकती है। यह पड़ताल बच्ची के इलाज में फिलहाल बाधक नहीं बननी चाहिए।
हाईकोर्ट ने यह निर्देश एनजीओ सोशल ज्यूरिस्ट की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। एनजीओ ने बच्ची के पिता की ओर से याचिका दायर की थी। अस्पताल ने 50 हजार रुपए जमा नहीं किए जाने पर उसे वापस भेज दिया था।
याचिका पर जिरह करते हुए अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने कहा था कि बच्ची को फौरन सर्जरी की जरूरत है क्योंकि उसके दिल में छेद है और उसका एक वाल्व भी काम नहीं कर रहा है। फिलहाल यह बच्ची एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती है और वहां इस सर्जरी की सुविधा नहीं है।