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दिल्ली : यमुना के जल में अमोनिया बढ़ने से पानी की किल्लत, हाईकोर्ट ने हरियाणा से मांगा जवाब

Wed, 30 Jan 2019 07:04 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राजेश सैनी Updated Wed, 30 Jan 2019 07:04 AM IST
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Delhi HC raps to Haryana on the issues ammonia in Yamuna water
यमुना (सांकेतिक तस्वीर)

हरियाणा क्षेत्र में औद्योगिक कचरे को यमुना में प्रवाहित करने से जल में अमोनिया की मात्रा में बढ़ोतरी के बाद दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जलसंकट कमोबेश बरकरार है। चंद्रावल, वजीराबाद और ओखला स्थित ट्रीटमेंट प्लांटों से घरों में जलापूर्ति कम हुई है। इससे आपूर्ति भी कम प्रेशर से हो रही है। पानी की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। हालात में सुधार होने तक दिल्लीवासियों को कम पानी से गुजारा करना पड़ सकता है। हालात काबू करने में अधिक देरी हुई तो दिल्लीवासियों को बीमारियों से जूझना पड़ सकता है।

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दिल्ली जल बोर्ड रोज औसतन 900 एमजीडी पानी की आपूर्ति करता है। प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी के बाद पानी की आपूर्ति भी 10-20 फीसदी तक कम हो गई है। जब तक पानी में अमोनिया की मात्रा कम नहीं होती, आपूर्ति प्रभावित रहने की आशंका जताई गई है। हालात में सुधार होने तक उत्तरी, दक्षिणी, पश्चिमी, मध्य दिल्ली व एनडीएमसी क्षेत्र में जलापूर्ति तो होगी, लेकिन दबाव कम रहेगा। यानी पानी की किल्लत का भी लोगों को सामना करना पड़ सकता है। इसलिए लोगों को पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर करने का सुझाव दिया गया है।

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हाईकोर्ट ने दिल्ली के जल संकट पर हरियाणा से मांगा जवाब  
       
हाईकोर्ट ने यमुना नदी में बढ़े प्रदूषण के मुद्दे पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पिछले कई दिनों से यमुना में बढ़े अमोनिया स्तर के चलते पेयजल का संकट चल रहा था। इसके खिलाफ दिल्ली सरकार  ने हाईकोर्ट में हरियाणा सरकार के खिलाफ याचिका दायर कर दखल देने का आग्रह किया था। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा को हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है।   
     
मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ ने दिल्ली जल बोर्ड की याचिका पर हरियाणा को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए 5 फरवरी की तारीख तय की है। इससे एक दिन पहले याची को इसकी कॉपी देनी होगी।  हाईकोर्ट के समक्ष याची ने कहा कि जिन स्रोतों से दिल्ली में यमुना में पानी आता है। वह स्रोत सीधे तौर पर हरियाणा सिंचाई विभाग के नियंत्रण में है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि दिल्ली में पेयजल की जरूरतों के लिए वजीराबाद जलाशय को हमेशा भरा रखना है, लेकिन यमुना में अमोनिया व अन्य प्रदूषकों के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा। इसमें हरियाणा सिंचाई विभाग और इससे जुड़े हरियाणा के अन्य विभागों की नाकामी है।   

ये है मामला

दिल्ली के वजीराबाद में बीते 25 जनवरी से पानी की गुणवत्ता फिर से खराब हो गई थी। यमुना में इस समय अमोनिया का स्तर 2.2 पीपीएम है। इसकी वजह से दिल्ली जल बोर्ड के विभिन्न जल संयंत्रों में वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला में पानी का उत्पादन 30 फीसदी कम हो गया है। दिल्ली जलबोर्ड की ओर से यह याचिका सीनियर वकील पराग त्रिपाठी और एचएस फूलका ने दायर की है।  उन्होंने सीपीसीबी और अन्य जिम्मेदार संस्थाओं को इस प्रदूषण को रोकने के लिए कारगर कदम उठाने निर्देश देने का आग्रह किया। 
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