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दिल्ली: हाईकोर्ट ने दी 25 सप्ताह के असामान्य भ्रूण के गर्भपात की अनुमति
Wed, 17 Jul 2019 06:46 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Wed, 17 Jul 2019 06:46 AM IST
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हाईकोर्ट ने दी भ्रूण के गर्भपात की अनुपति
- फोटो : Social Media
यदि भ्रूमण असामान्य है तो उसके गर्भपात की अनुमति देने से महज इसलिए इंकार नहीं किया जा सकता है कि भ्रूण की अवधि 20 सप्ताह से अधिक है। हाईकोर्ट ने यह राय 25 सप्ताह से अधिक अवधि के असामान्य भ्रूण के गर्भपात की अनुमति महिला को देते हुए की है। महिला ने याचिका में कहा था कि उसके भ्रूण की किडनी अपेक्षाकृत काफी बड़ी है और जन्म के बाद उसके जीवित रहने की संभावना बेहद कम है।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट में 20 सप्ताह से अधिक के भ्रूण के गर्भपात पर रोक लगाने वाली धारा और मां की जान को खतरा होने पर इसमें छूट देने वाली धारा पर एक साथ विचार किया जाना चाहिए। खंडपीठ ने कहा कि उसका मानना है इस मामले में गर्भपात की अनुमति देने से महज इसलिए इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि भ्रूण की अवधि 20 सप्ताह से अधिक है। कानून का जीवन के साथ सामंजस्य होना चाहिए।
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हाईकोर्ट ने एम्स के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर गौर करने के बाद उसे गर्भपात की अनुमति प्रदान की है। हाईकोर्ट ने महिला की याचिका पर एम्स को बोर्ड बनाने और रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। महिला ने अधिवक्ता स्नेहा मुखर्जी के जरिए याचिका दायर कर संबंधित अधिनियम की उस धारा को चुनौती दी थी जिसमें 20 सप्ताह से अधिक के भ्रूण के गर्भपात पर प्रतिबंध है।
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