Delhi: भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को हाईकोर्ट से राहत, कांग्रेस-AAP को सोशल मीडिया से पोस्ट हटाने का निर्देश
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को निर्देश दिया कि वे 24 घंटे के अंदर सोशल मीडिया से उन पोस्ट को हटा दें, जिनमें भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को 2022 के अंकिता भंडारी मर्डर केस से जोड़ा गया है।
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अंकिता भंडारी हत्याकांड में अपना नाम उछाले जाने के मामले भाजपा नेता दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया। इस मामले में आज सुनवाई हुई। दुष्यंत गौतम को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी। हाईकोर्ट ने दुष्यंत कुमार गौतम को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाली कथित मानहानिकारक सोशल मीडिया पोस्ट पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने कांग्रेस (आईएनसी), आम आदमी पार्टी (आप) समेत सभी प्रतिवादियों को ऐसी सामग्री आगे प्रकाशित या साझा करने से मना कर दिया है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने पहले से डाली गई पोस्ट और वीडियो हटाने का निर्देश भी दिए हैं।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने अंतरिम एकतरफा आदेश पारित करते हुए कहा कि पहली नजर में मानहानि का मामला बनता है। कोर्ट के अनुसार, अगर तुरंत रोक नहीं लगाई गई तो दुष्यंत गौतम की प्रतिष्ठा को अपूरणीय नुकसान हो सकता है। कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री फैलाई जा रही थी, जिसमें दुष्यंत गौतम को अंकिता भंडारी मामले में कथित वीआईपी बताया जा रहा था। अदालत ने इसे गंभीर आरोप मानते हुए साफ कहा कि इस तरह के दावे बिना किसी आधार के किए गए हैं।
दुष्यंत गौतम ने यह मुकदमा दो करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग के साथ दायर किया है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि गौतम करीब 50 साल से सार्वजनिक जीवन में हैं, पूर्व सांसद रह चुके हैं और मौजूदा समय में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव हैं। कोर्ट को बताया गया कि गौतम का नाम न तो किसी एफआईआर में है, न चार्जशीट में और न ही किसी जांच में। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उन्हें इस हत्याकांड से जोड़कर बदनाम किया जा रहा है। मेटा (फेसबुक-इंस्टाग्राम) की ओर से पेश वकील ने कहा कि कोर्ट के निर्देश मिलने पर प्लेटफॉर्म आपत्तिजनक सामग्री हटाने का पालन करेगा। मामला आगे सुनवाई के लिए जारी रहेगा।
हाल ही में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ बातें सामने आई थीं, जिनमें भाजपा नेता दुष्यंत गौतम का नाम भी कथित तौर पर जोड़ा गया था। इन आरोपों को दुष्यंत गौतम ने सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी छवि को खराब करने की सोची-समझी साजिश बताया था। उन्होंने इन आरोपों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में उत्तराखंड के पौड़ी जिले स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। बाद में सत्र न्यायालय ने तीनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।