एक घंटे की बारिश में कैसे डूब गई दिल्ली: हाईकोर्ट
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डेंगू-चिकनगुनिया के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारियों को फटकार लगाते हुए ये तल्ख सवाल किए। कोर्ट ने इस संबंध में सरकारी एजेंसियों से 7 अगस्त तक जवाब मांगा है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की खंडपीठ ने अधिवक्ता अर्पित भार्गव की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि शुक्रवार को एक घंटे की बारिश से राजधानी में ज्यादातर जगह जलभराव व जाम था। क्या मानसून के लिए सरकारी एजेंसियों ने यही तैयारी की थी?
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान रोहिणी इलाके में डीडीए के दो पार्कों में कूडा फेंकने संबंधी मीडिया रिपोर्ट पर भी संज्ञान लिया। कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि लोग अब तक पार्कों में कूड़ा क्यों फेंक रहे हैं, जबकि इससे संबंधित उपनियम सरकारी काफी पहले लागू कर चुकी है। क्या लोगों को इनकी जानकारी नहीं है या एमसीडी कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई नहीं कर रही है? कोर्ट ने इस मुद्दे पर डीडीए व नॉर्थ एमसीडी दोनों को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
साथ ही हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारियों से पूछा कि ठोस कचरा प्रबंधन उपनियमों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए क्या कदम उठाये गए हैं? हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार व उसकी एजेंसियां इन उपनियमों को संचार माध्यमों के जरिये प्रकाशित व प्रसारित करें और लोगों को जागरूक करें। इस मुद्दे पर कोर्ट ने अगली तारीख तक रिपोर्ट मांगी है।