रेल बजट से दिल्ली-NCR को कई उम्मीदें: लोकल ट्रेन को फास्ट ट्रैक, नई वंदे मेट्रो; नमो रेल को गति मिलने की आस
एनसीआर के लोगों की निगाहें एक बार फिर बजट पर टिकी हैं। यातायात से संबंधित योजनाओं पर खासकर उनकी नजर है। उन्हें दरकार है तो सिर्फ इस बात की कैसे सड़क पर उलझते ट्रैफिक की समस्या और प्रदूषण से निजात मिले। ताकि समय की बचत के साथ प्रदूषण से होने वाली बीमारी के खतरे से भी दूर रह सकें।
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तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी नई सरकार का पहला बजट मंगलवार को पेश किया जाएगा। आम बजट के साथ ही रेल बजट भी आएगा। हर बार की तरह इस साल भी एनसीआर के लोगों की उम्मीद सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर बंधी है। क्योंकि प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की वजह से लोग रोजाना जूझते रहते है। उनकी उम्मीद है कि लोकल ट्रेनों को फास्ट ट्रैक मिले वहीं रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड यात्री फ्रेंडली बने। करीब 82 किमी लंबा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर, जिसमें दिल्ली में आरआरटीएस कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 14 किमी है, जल्द से जल्द यह लंबित प्रोजेक्ट पर नमो रेल को रफ्तार मिल सके। वरिष्ठ नागरिकों को भी उम्मीद है कि इस बजट में केंद्र सरकार कोविड के समय से बंद यात्रा टिकट में मिलने वाली छूट को फिर से बहाल करे।
एनसीआर के लोगों की निगाहें एक बार फिर बजट पर टिकी हैं। यातायात से संबंधित योजनाओं पर खासकर उनकी नजर है। उन्हें दरकार है तो सिर्फ इस बात की कैसे सड़क पर उलझते ट्रैफिक की समस्या और प्रदूषण से निजात मिले। ताकि समय की बचत के साथ प्रदूषण से होने वाली बीमारी के खतरे से भी दूर रह सकें। रेलवे नेटवर्क पर यात्री क्षमता और सुरक्षा बढ़ाने पर अधिक ध्यान दिया जा सकता है।
लिहाजा सरकार स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ''कवच'' के कार्यान्वयन पर भी अधिक ध्यान केंद्रित करेगी। दिल्ली-रेवाड़ी के बीच इस प्रणाली से लैस करने की कवायद भी तेजी से चल रही है। इसी तरह वंदे मेट्रो ट्रेन से संबंधित घोषणा भी सरकार कर सकती है।
रेल बजट से है कई उम्मीदें
आरआरटीएस के साथ वंदे मेट्रो से है उम्मीद
आरआरटीएस के साथ ही वंदे मेट्रो पर भी इस बजट में रेलवे का फोकस रहने की संभावना है। वंदे मेट्रो जो धीरे-धीरे मौजूदा उपनगरीय ट्रेनों और लोकल ट्रेनों की जगह लेगी, बहुत जल्द शुरू होने की उम्मीद है। यह ट्रेन मेमू और डेमू ट्रेनों की जगह लेगी। पिछले दिनों ही रेलवे ने दावा किया था कि अगस्त तक वंदे मेट्रो कुछ सेक्शन पर चलने भी लगेगी। इसके अलावा राजधानी को पांच सौ किलोमीटर के दायरे में चलने वाली वंदे भारत ट्रेन और स्लीपर वाली वंदे भारत ट्रेन लंबी दूरी के लिए चलाने की घोषणा भी की जा सकती है।
आरआरटीएस और दिल्ली मेट्रो के लिए विशेष बजट मिल सकता है
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ में क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर के पूरा होने की उम्मीद है। 82 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार विशेष बजट आवंटित कर सकती है। दिल्ली में आरआरटीएस कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 14 किमी है। इसमें से नौ किमी का हिस्सा एलिवेटेड है। दावा किया जा रहा है कि नमो रेल चलने से सड़क से करीब एक लाख निजी वाहन कम हो जाएंगे और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में प्रति वर्ष 2,50,000 टन की कमी आएगी। दिल्ली सेक्शन में सराय काले खां, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार (भूमिगत) तीन आरआरटीएस स्टेशन हैं।
विश्व स्तरीय स्टेशन बनने और सुविधा मिलने की दरकार
दिल्ली के स्टेशनों पर विश्व स्तरीय सुविधा देने का वादा हर बजट में होता है। इस बजट से भी लोगों की उम्मीद है कि नई दिल्ली, बिजवासन, आनंद विहार, सफदरजंग, शहादरा समेत अन्य स्टेशनों पर विश्व स्तरीय सुविधा मिलेगी और स्टेशन बिल्डिंग के निर्माण कार्य को गति मिलेगी।