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अपहृत बच्ची को मुक्त कराने वाले मार्शल को सम्मानित करेगी दिल्ली सरकार
Fri, 22 Nov 2019 05:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 22 Nov 2019 05:55 AM IST
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मार्शल के साथ मंत्री गहलोत
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली की क्लस्टर बस में तैनात मार्शल की बहादुरी व सूझबूझ से कायल होकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उससे मुलाकात की। वहीं, दिल्ली सरकार ने उसे सम्मानित करने का फैसला किया है।
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दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत बृहस्पतिवार को मार्शल अरुण कुमार को लेकर मीडिया के सामने आए। गहलोत ने बताया कि घटना बुधवार सुबह करीब 11 बजे की है। क्लस्टर बस संख्या 728 गोला डेयरी से नई दिल्ली जा रही थी। इसमें अरुण कुमार बतौर मार्शल तैनात थे। पालम फ्लाईओवर पर 18 साल के एक युवक चार साल की बच्ची को लेकर बस पर सवार हुआ।
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बच्ची लगातार रो रही थी। इसे देख मार्शल को शक हुआ। मार्शल के हरकत में आने पर युवक धौला कुंआ से भागने की कोशिश करने लगा। इस पर मार्शल ने दरवाजा बंद कर लिया। फिर, परिचालक वीरेंद्र की मदद से बदमाश को पकड़कर बच्ची को मुक्त कराया। वहीं, युवक को लेकर दिल्ली कैंट पुलिस चौकी पहुंचे। पूछताछ में पता चला कि बदमाश ने बच्ची को निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से उठाया था। घर वालों ने निजामुद्दीन थाने पर रिपोर्ट भी कराई थी।
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कैलाश गहलोत के मुताबिक, बच्ची मूल रूप से मध्य प्रदेश की है। बच्ची माता- पिता के साथ स्टेशन ट्रेन पकड़ने गई थी। इसी दौरान बच्ची के पिता पानी लेने गए। तभी मौका देखकर बदमाश ने बच्ची का अपहरण कर लिया। वह अपनी दो अन्य बहनों के साथ मां के पीछे बैठी थी। फिर बदमाश रूट बदल कर भाग रहा था। कैलाश गहलोत ने कहा कि दिल्ली सरकार की तरफ से मार्शल तैनाती का मकसद लोगों को सुरक्षा देना है। सरकार सूझबूझ व बहादुरी के लिए अरुण का सम्मानित करेगी।
इसी मकसद से की गई है मार्शल की तैनाती : सीएम
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बयान जारी कर सभी बस मार्शल को बधाई दी है। वहीं, बृहस्पतिवार को मार्शल अरुण कुमार से मुलाकात कर पूरे वाकये की जानकारी ली थी। केजरीवाल ने कहा कि बस में मार्शल की नियुक्त करने के पीछे का मकसद भी यही है।
मार्शल ने जिस तरह से जान की परवाह किए बगैर बच्ची को अपहरणकर्ता के चंगुल से बचाया और बदमाश को सलाखों के पीछे पहुंचाया, वह काबिले तारीफ है। सिर्फ तीन सप्ताह में दिल्ली की बसों में तैनात मार्शलों ने कलस्टर बसों में दस पाकेटमारों को भी पकड़ा है। इससे उन क्षेत्रों में होने वाले अपराध में कमी आई है। मार्शलों की बहादुरी से अब अपराधी भी डरें हैं।