दिल्ली सरकार और अधिकारियों में जंग जारी, मुख्य सचिव ने लौटाई बजट से जुड़ी फाइलें
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दिल्ली सरकार और अधिकारियों के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को बजट तैयारी से जुड़ा नया विवाद इसमें शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से बताया गया कि मोहल्ला क्लीनिक और पॉली क्लीनिक से जुड़ी बेहद अहम फाइल मुख्य सचिव को भेजी गई थी।
इसमें बजट भाषण की अपेक्षाओं को पूरा करने की जानकारी मांगी गई थी। लेकिन मुख्य सचिव की तरफ से यह कहते हुए फाइल लौटा दी गई कि आज रविवार है, इस तरह की फाइल सोमवार को ऑफिस ऑवर के दौरान देें।
बजट सत्र शुरू होने से कुछ दिनों पहले मुख्य सचिव के इस रवैये पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर की है। मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि दिल्ली सरकार इस साल का बजट नए मॉडल पर तैयार कर रही है।
इस बार के बजट भाषण में सभी बड़े प्रोजेक्ट का विस्तृत ब्यौरा होगा। मसलन, प्रोजेक्ट का कैबिनेट नोट तैयार होने से लेकर उसके पूरा होने तक की तिथिवार प्रगति का ब्योरा इसमें शामिल होगा। बजट पेश करते वक्त सारा ब्योरा सदन में रखा जाएगा।
इस वजह से लौटाई फाइल
आधिकारियों के मुताबिक, मोहल्ला क्लीनिक व पॉलीक्लिनिक की दो फाइलों में अधिकारियों ने काफी लापरवाही बरती है। अलग-अलग विभागों से 800 मोहल्ला क्लीनिक बनाने का एनओसी मिलने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक सिर्फ 243 मोहल्ला क्लीनिक के निर्माण का संभावित समय दिया है।
इसके अलावा इसमें कोई दूसरा ब्योरा नहीं है। वहीं, पॉलीक्लीनिक का ब्योरा भी आधा-अधूरा है। रविवार को भेजी फाइल में मुख्यमंत्री ने कहा था कि मुख्य सचिव दोनों मामलों में यह सुनिश्चित करें कि बजटीय अपेक्षाओं के अनुसार फाइल तैयार होे।
अधिकारी बोले-आवास पर नहीं थे मुख्य सचिव
इस मसले पर कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि, नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि जिस वक्त फाइल भेजी गई, उस समय मुख्य सचिव अपने आवास पर नहीं थे। वहीं, यह नहीं बताया गया कि फाइल बजट से जुड़ी हुई है। ऐसे में आवास में तैनात कर्मियों ने फाइल सोमवार को भेजने को कह दिया।
अधिकारी का कहना है कि अगर फाइल बजट से जुड़ी थी तो उसे वित्त विभाग को भेजना था। वहीं, अगर फाइल को टेबल करना इतना ही जरूरी था तो दिल्ली सरकार के ज्यादातर सचिव सचिवालय में शनिवार रात आठ बजे तक मौजूद थे। फाइल वहीं पर भेज देनी थी।