मीडिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए आप सरकार ने उठाए 5 कदम
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दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने निर्देश (सर्कुलर) जारी करते हुए अपने सभी अधिकारियों से कहा कि उन्हें कोई भी ऐसी खबर दिखे जो सरकार या मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली है तो इसकी शिकायत प्रमुख सचिव (गृह) से करें ताकि मामले में कानूनी कार्यवाई की जा सके।
दिल्ली सरकार के सूचना और प्रसारण निदेशालय ने सूचना जारी करते हुए कहा है कि दिल्ली सरकार के किसी भी अधिकारी को अगर लगता है कि प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में चलाई गई किसी खबर से सरकार या उनकी छवि को कोई नुकसान हुआ है तो इसकी शिकायत प्रमुख सचिव से कर सकते हैं।
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक ऐसे किसी भी मामले में प्रमुख सचिव के पास एक रेफ्रेंस लेटर भेजा जाएगा जिसमें अवमानना से संबंधित तथ्य, प्रसारित किए जाने वाले माध्यम की जानकारी, तथ्यों में गलती, आरोपों की जानकारी के साथ यह बताया जाएगा कि क्यों और कैसे यह सरकार की छवि को प्रभावित करता है।
गृह मंत्रालय देगा कोर्ट में चुनौती
सरकार के मुताबिक इस शिकायत के आधार पर प्रमुख सचिव आरोपों की जांच करेंग और इस मामले में अन्य निदेशकों की भी राय लेने के बाद यह तय करेंगे कि क्या इस मामले में आईपीसी की धारा 499/500 का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
प्रमुख सचिव की जांच के बाद अवमानना का यह मामला कानून मंत्रालय को भेजा जाएगा। कानून मंत्रालय आरोप की जांच करेगा और बातएगा कि इसे आईपीसी की धारा 199(4) के तहत आगे बढ़ाना है या नहीं।
दोनों की विभागों की पुष्टि मिलने के बाद दिल्ली सरकार का गृह मंत्रालय मामले को सरकारी वकील के पास भेज देगा जो आईपीसी की धारा 199(2) के आधार पर मामले को अदालत में चुनौती देंगे।
मीडिया ने ली है आप को खत्म करने की सुपारी
बता दें कि हाल ही दिल्ली सरकार ने एक आदेश जारी करते हुए न्यूज चैनलों पर गंभीर निगरानी रखने की बात कही थी। इसके बाद ही यह नया आदेश जारी किया गया जिसमें मीडिया के खिलाफ कानूनी कदम उठाने के बारे में कहा गया है।
गौरतलब है कि हाल ही अरविंद केजरीवाल ने मीडिया के एक तबके पर आरोप लगाते हुए कहा था कि कुछ मीडिया संस्थानों ने आम आदमी पार्टी को खत्म करने की सुपारी ले रखी है।
मीडिया पर निगरानी रखने और सरकार के खिलाफ दिखाए जाने पर कानूनी कार्यवाई करने के दिल्ली सरकार के आदेश पर विरोधी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद केजरीवाल पर हमला किया है।
मीडिया का भी पब्लिक ट्रायल होना चाहिए
भारतीय जनता पार्टी ने इस आदेश की आलोचना करते हुए कहा है कि यह मीडिया को धमकाने की साजिश है। भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह आज जो कुछ भी हैं मीडिया की वजह से ही हैं।
पार्टी ने तो यह भी कहा है कि अरविंद केजरीवाल का यह कदम उनके तानाशाही रवैये और अराजकतावादी सोच को दर्शाता है। इस मामले में कांग्रेस ने भी केजरीवाल पर हमला करते हुए कहा है कि यह केवल मीडिया पर ही हमला नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र पर भी हमला है।
बता दें कि केजरीवाल ने मीडिया पर आरोप लगाते हुए कहा था कि मीडिया का एक बहुत बड़ा तबका उनकी पार्टी की छवि खराब करने में लगा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि जब सबका पब्लिक ट्रायल होता है तो मीडिया का भी पब्लिक ट्रायल होना चाहिए।
मीडिया के खिलाफ कार्यवाई के ये हैं 5 कदम
मीडिया के खिलाफ शिकायत करने के लिए पांच स्टेप्स को फॉलो करना होगा
1 किस (प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक) मीडिया ने किस तरह से की सरकार की अवमानना
2 प्रमुख सचिव (गृह) के पास जाएगा रेफ्रेंस लेटर
3 प्रमुख सचिव अन्य सचिवों से मशविरा कर तय करेंगे आरोप
4 प्रमुख सचिव की अनुमति के बाद कानून मंत्रालय करेगा आरोपों की जांच
5 सरकारी वकील के माध्यम से अदालत में की जाएगी शिकायत