आउटकम बजट: केजरीवाल सरकार का बिजली विभाग अव्वल, जानिए कौन सा विभाग रहा फिसड्डी, अपने कितने वादों पर खरी उतरी आप
दिल्ली सरकार ने आउटकम बजट में अनुसूचित जाति, जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग के लोगों की प्रगति से जुड़े 12 कार्यक्रमों, योजनाओं को शामिल किया गया। संबंधित विभाग का प्रदर्शन इसमें निराशाजनक है।
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दिल्ली सरकार के बिजली विभाग का प्रदर्शन अव्वल रहा है, जबकि पिछड़ों के कल्याण में सरकार पीछे रही है। उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया की तरफ से शुक्रवार को विधानसभा में लगातार पांचवें साल पेश आउटकम बजट से पता चला है कि बिजली विभाग के 83 फीसदी काम पटरी पर हैं, जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति कल्याण विभाग के 56 फीसदी काम बेपटरी हैं। सरकार ने सदन में इसे दुरुस्त करने का वादा किया है।
सदन में आउटकम बजट व आर्थिक समीक्षा पेश करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि आजादी के 75 साल में भारत में कई सरकार्रें आइं, लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली एकमात्र ऐसी सरकार है जिसने खुद की जवाबदेही तय की है। जो कहा, सो किया की कसौटी पर खड़े होकर जनता को यह बताया है कि पिछले साल बजट के दौरान किए गए वादों को कितना निभाया, कौन-सी योजनाएं पूरी हुईं तथा कौन किस पायदान पर है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार के अलावा देश में आज किसी भी सरकार में इतनी हिम्मत नहीं है कि वो आउटकम बजट पेश कर सकें। हम फाइलों और जुमलों के जाल में नहीं फंसाते, जो बोलते हैं उसे करके दिखाते है।
किस विभाग का कैसा रहा प्रदर्शन
आउटकम बजट में सबसे बेहतर कामकाज करने वाले विभाग में विद्युत विभाग का पहला नंबर है। इस विभाग का 83 प्रतिशत काम ऑन ट्रैक रिकार्ड किया गया है। दूसरे स्थान पर महिला व बाल विकास विभाग है। इस विभाग का 80 प्रतिशत काम ऑन ट्रैक चल रहा है। तीसरे स्थान पर दिल्ली सरकार का प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा निदेशालय है। इस विभाग का 77 प्रतिशत काम ऑन ट्रैक है।
आउटकम बजट में सबसे फिसड्डी विभाग अनुसूचित जाति, जनजाति कल्याण विभाग साबित हुआ है। इस विभाग का 44 प्रतिशत काम ऑन ट्रैक रिकार्ड किया गया है तो 56 प्रतिशत काम ऑफ ट्रैक है। इसी तरह शहरी विकास विभाग और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड का 45 प्रतिशत काम ही ऑन ट्रैक है। बाकी 55 प्रतिशत काम ऑफ ट्रैक है।
क्या है आउटकम बजट
जब सरकार किसी योजना की शुरुआत करती है और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर व पूंजीगत व्ययों के लिए धन आवंटित करती है तो ये आउटपुट होता है। लेकिन आउटकम से अभिप्राय उस योजना से लोगों को मिलने वाले लाभ से है। उदाहरण के लिए सरकार एक अस्पताल में एक एक्स-रे मशीन स्थापित करती है तो ये सरकार का आउटपुट है लेकिन मशीन के माध्यम से कितने की जांच हुई ये उसका आउटकम है। सरकार ने आउटकम बजट 31 दिसंबर 2021 तक के आंकड़ों के आधार पर तैयार किया।
केवल 44% कार्यक्रम पर योजना के अनुरूप काम, 56% कार्यक्रम बेपटरी
इसमें से 44% इंडिकेटर ही ऑन ट्रैक हैं जबकि 56% कार्यक्रम ऑफ ट्रैक। दिसंबर 2021 तक 37,737 छात्रों को छात्रवृत्ति दी है। पिछड़े, अल्पसंख्यकों व अनाथ जैसे कमजोर तबके के बच्चों के लिए बनाए ईसापुर आवासीय विद्यालय में 836 विद्यार्थियों का दाखिला किया है। जयभीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना के तहत 46 कोचिंग संस्थानों का पैनल बनाया है, जिनमें 12297 छात्रों का नामांकन हुआ है।