दिल्ली में ई-ऑफिस से बढ़ी रफ्तार: फाइल किस अधिकारी के पास, कहां अटकी और कब होगी पूरी; हर कदम पर बढ़ी जवाबदेही
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 1 जुलाई 2025 से शुरू हुई ई-ऑफिस व्यवस्था ने सरकारी कामकाज को अधिक तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। अब किसी भी फाइल की स्थिति, उसके लंबित होने का कारण और संबंधित अधिकारी की जानकारी ऑनलाइन देखी जा सकती है।
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दिल्ली सरकार में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने के एक साल में सरकारी कामकाज का तरीका तेज हो गया है। कागजी फाइलों पर निर्भरता कम हुईं और ज्यादातर प्रशासनिक प्रक्रियाएं ऑनलाइन की गईं। इस दौरान 1.4 लाख से अधिक ई-फाइलों और 9.2 लाख से ज्यादा ई-रसीदों का निस्तारण किया गया, जिससे फाइलों की गति बढ़ी है और विभागों के कामकाज में पारदर्शिता आई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 1 जुलाई 2025 से शुरू हुई ई-ऑफिस व्यवस्था ने सरकारी कामकाज को अधिक तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। अब किसी भी फाइल की स्थिति, उसके लंबित होने का कारण और संबंधित अधिकारी की जानकारी ऑनलाइन देखी जा सकती है। इससे अनावश्यक देरी कम हुई है और निर्णय प्रक्रिया में तेजी आई है।
235 विभाग जुड़े, 15 हजार से ज्यादा अधिकारी कर रहे काम
ई-ऑफिस व्यवस्था का विस्तार लगातार बढ़ा है। 8 मार्च 2025 तक जहां 198 विभागों और कार्यालयों के 5,005 अधिकारी-कर्मचारी इससे जुड़े थे, वहीं 27 जून 2026 तक यह संख्या बढ़कर 235 विभागों और कार्यालयों के 15,748 सक्रिय उपयोगकर्ताओं तक पहुंच गई है। वर्तमान में 132 सरकारी विभागों में ई-ऑफिस अनिवार्य रूप से लागू है। इनमें 11,940 अधिकारी और कर्मचारी ऑनलाइन फाइलों का निपटारा कर रहे हैं। इसके अलावा सार्वजनिक उपक्रमों, बोर्डों, निगमों और स्वायत्त संस्थानों के साथ विश्वविद्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों को भी इस व्यवस्था से जोड़ा गया है।
फाइलों के निपटारे में आई तेजी
सरकारी विभागों में 1 जुलाई 2025 से 27 जून 2026 के बीच 1,14,603 ई-फाइलों और 7,14,091 ई-रसीदों का निपटारा किया गया। वहीं नई ई-ऑफिस व्यवस्था के तहत अप्रैल 2026 से जून 2026 के बीच भी बड़ी संख्या में फाइलों और रसीदों का ऑनलाइन निस्तारण हुआ। सरकार का दावा है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से फाइलों की आवाजाही में लगने वाला समय घटा है और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करना आसान हुआ है। अब किसी स्तर पर फाइल रुकने की स्थिति में उसकी निगरानी भी संभव है।
75 फीसदी से ज्यादा कार्यालय ई-ऑफिस से जुड़े
ई-ऑफिस का दायरा बढ़कर अब कुल 235 विभागों और कार्यालयों में से 177 तक पहुंच गया है। यानी करीब 75 प्रतिशत से अधिक कार्यालय नियमित रूप से डिजिटल माध्यम से काम कर रहे हैं। इनमें सरकारी विभागों के साथ बोर्ड, निगम, आयोग, स्थानीय निकाय और शिक्षण संस्थान भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आने वाले समय में ई-ऑफिस का विस्तार और बढ़ाया जाएगा, ताकि दिल्ली में सरकारी सेवाओं को और अधिक समयबद्ध, पारदर्शी और जनहित केंद्रित बनाया जा सके।