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दिल्ली सरकार का आदेश- अब लोकनायक अस्पताल में भर्ती होंगे ब्रिटेन से आए संक्रमित, अलग वार्ड तैयार
Thu, 24 Dec 2020 06:30 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Thu, 24 Dec 2020 06:30 PM IST
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एलएनजेपी अस्पताल
- फोटो : सोशल नेटवर्क
ब्रिटेन से भारत लौटे कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अलग से चिकित्सीय निगरानी की व्यवस्था की गई है। दिल्ली सरकार ने लोकनायक अस्पताल में ही इन मरीजों को भर्ती कराने का फैसला लिया है। इसके लिए सरकार से आदेश प्राप्त होने के बाद अस्पताल में अलग एक वार्ड तैयार कर लिया है।
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फिलहाल दिल्ली में 11 यात्री कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं जिनमें से एक लोकनायक अस्पताल में भर्ती है। जबकि अन्य 10 संक्रमित मरीजों को सरदार वल्लभ भाई पटेल क्वारंटीन केंद्र में रखा गया है।
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जानकारी मिल रही है कि दिल्ली सरकार साढ़े चार हजार लोगों की जांच में जुटी है। यह लोग पिछले चार सप्ताह के दौरान ब्रिटेन से यात्रा करके दिल्ली लौटे हैं। आशंका यहां तक जताई जा रही है कि इनमें से कई लोग कोरोना संक्रमित मिल सकते हैं। इसलिए संक्रमित मरीजों को उपचार दिलाने के लिए अलग से इंतजाम किए गए हैं।
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दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि लोकनायक अस्पताल में अलग से वार्ड बनाने के पीछे नए स्ट्रेन को लेकर सर्तकता है। विभाग को अंदेशा है कि किसी न किसी मरीज में नया स्ट्रेन मिल सकता है। अगर इन्हें ऐसे ही छोड़ दिया गया तो यह स्ट्रेन समाज में तेजी से फैल सकता है। साथ ही अस्पताल के कोरोना वार्ड में अन्य स्ट्रेन से ग्रस्त मरीजों को भी दिक्कत दे सकता है। ऐसे में अलग वार्ड और क्वारंटीन करना ही एकमात्र विकल्प है।
लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि हमारे पास एक मरीज है जो कि संदिग्ध है। हम इस मरीज की जांच कर रहे हैं। अभी मरीज की जांच की जा रहे हैं। जांच के रिजल्ट 3-4 दिन में आएंगे। इससे पुष्टि होगी कि यह पहले वाला स्ट्रेन है या नया स्ट्रेन है, लेकिन मरीज अभी बिल्कुल ठीक और बिना लक्षण वाले हैं। मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री है इसलिए उनको अलग से आइसोलेशन में रखा है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार से निर्देश मिलने के बाद अलग से कोविड वार्ड की व्यवस्था कर ली गई है।