फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   delhi government do not want to apply important decisions

चुनाव से डरी सरकार, नहीं लागू किए 5 फैसले

Mon, 04 Aug 2014 12:35 PM IST
Updated Mon, 04 Aug 2014 12:35 PM IST
विज्ञापन
delhi government do not want to apply important decisions

राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति शासन होने के कारण जनता पर सरकार कोई बोझ नहीं डालना चाहती है। सर्किल रेट, महिलाओं के लिए हेलमेट की अनिवार्यता, डीटीसी-मेट्रो रेल किराया वृद्घि, वाहनों के वीआईपी नंबर की नीलामी, वस्तुओं पर वैट प्रावधान पर सरकार ने पैर रोक लिए हैं।

विज्ञापन


राजस्व वसूली के मामले टाले जा रहे हैं जबकि वसूली लक्ष्य से काफी पिछड़ रहा है। कहा जा रहा है कि जब नई सरकार आएगी तो अंतिम फैसला लेगी। दिल्ली सरकार के उच्च पदस्थ सूत्र बताते हैं कि उपराज्यपाल नजीब जंग राष्ट्रपति शासन में कोई नया कर भार लगाकर अपने नाम से उसे नहीं जोड़ना चाहते हैं।
विज्ञापन


फिर भाजपा की सरकार केंद्र में आई तो चुनाव में मुश्किलों के चलते कोई नया भार जनता पर नहीं डाल रही है। विभागों की तरफ से जो प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं, उस पर कभी वित्त विभाग तो कभी कानून विभाग की आपत्ति लगाकर देरी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सर्किल रेट में सुपर पॉश श्रेणी का पेंच

delhi government do not want to apply important decisions

दिल्ली में प्रत्येक दो साल में सर्किल रेट बढ़ाने का प्रावधान है। उसे देखते हुए लोकसभा चुनाव से पूर्व राजस्व विभाग ने सर्किल रेट बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की थी।

उसमें एक नई सुपर पॉश श्रेणी जोड़कर रेट में वृद्घि करने का प्रस्ताव है।

वृद्धि प्रतिशत पर वित्त विभाग ने आपत्ति जताई है। राजस्व विभाग ने जबाव दिया, लेकिन अंतिम स्वीकृति नहीं मिली है।

महिलाओं के लिए हेलमेट का मामला लंबित

delhi government do not want to apply important decisions

परिवहन विभाग ने महिलाओं के लिए हेलमेट अनिवार्यता के जिस प्रस्ताव पर सुझाव मंगाए थे, उसमें बदलाव किया गया। सिख महिलाओं को छोड़कर बाकी के लिए दुपहिया चलाते या पीछे बैठते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा।

इस पर कानून विभाग ने आपत्ति दर्ज करा दी है। कानून विभाग ने कहा है कि ड्राफ्ट में सबके लिए अनिवार्य किए जाने की बात थी। इसलिए दोबारा सुझाव मांगे। विभाग की तरफ से इस मामले को लंबित रखा गया है।

मेट्रो और डीटीसी का नहीं बढ़ा किराया

delhi government do not want to apply important decisions

मेट्रो रेल, डीटीसी में किराया वृद्घि 2010 में की गई थी। जबकि ऑटो रिक्शा का किराया बढ़ाया जा चुका है। डीएमआरसी किराया वृद्घि की मांग कई स्तर पर उठा चुका है तो डीटीसी भी प्रस्ताव भेज चुका है।

किराया वृद्घि पहले विधानसभा और लोकसभा चुनाव के कारण नहीं हुई तो अब फिर दिल्ली में विधानसभा चुनाव के डर से रोका गया है।

वाहनों के वीआईपी नंबरों की नीलामी नहीं हुई

delhi government do not want to apply important decisions

दिल्ली में वाहनों के वीआईपी नंबरों की नीलामी को कैबिनेट की मंजूरी मिले एक साल से अधिक बीत चुके हैं। प्रक्रिया पूरी भी हो चुकी है, लेकिन उसे टाला जा रहा है।

शुरुआत में सॉफ्टवेयर बनने की देरी फिर नीलामी एजेंसी चयन को लेकर मामला टलता रहा।

विभाग के सूत्र बताते हैं कि प्लेटफार्म तैयार हो चुका है लेकिन नीलामी की तारीख अभी तय नहीं है। इसके अलावा वाहन रजिस्ट्रेशन पर कर वृद्घि का प्रस्ताव लंबित रखा गया है।

नए प्रोजेक्ट की शुरुआत से भी खींच रहे हैं हाथ

delhi government do not want to apply important decisions
पूर्वी दिल्ली में मोनोरेल परिचालन, एनसीआर को जोड़ने वाले रैपिड रेल विस्तार पर अंतिम फैसले के अलावा डीयू के सहायता प्राप्त कॉलेजों की प्रबंध समिति के गठन से भी सरकार हाथ खींच रही है।


रैपिड मेट्रो फिलहाल गुड़गांव में ही चलाई जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed