फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi government dealing with private hospitals for ventelator facilities 

मरीजों को वेंटीलेटर देने के लिए निजी अस्पतालों को मना रही सरकार, लेकिन कई करोड़ का है बकाया

Thu, 12 Dec 2019 02:15 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Thu, 12 Dec 2019 02:15 PM IST
विज्ञापन
Delhi government dealing with private hospitals for ventelator facilities 
अरविंद केजरीवाल - फोटो : आप ट्विटर अकाउंट

वेंटीलेटर की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने निजी अस्पतालों में मरीजों को सेवा देने की योजना बनाई, लेकिन निजी अस्पतालों का पहले से ही करोड़ों रुपये का बकाया होने के कारण इसमें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों पर सरकार वेंटीलेटीर की कमी को जल्द से जल्द दूर करना चाहती है। 

विज्ञापन


निजी अस्पतालों में एक दिन के वेंटिलेटर का खर्च 50 हजार रुपये के आसपास है। अब इन अस्पतालों को मनाने के लिए दिल्ली सरकार की तरफ से एक योजना बनाई गई है। 
विज्ञापन

दिल्ली सरकार के डायलॉग और डेवेलपमेंट आयोग की स्वास्थ्य प्रतिनिधि डॉ. निम्मी रस्तोगी का कहना है कि केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के तहत निजी अस्पतालों के करोड़ों रुपये सरकार पर बकाया हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके चलते निजी अस्पताल सरकार के सहयोग से मरीजों को स्वास्थ्य लाभ देने से कतरा रहे हैं। बीते दो-तीन साल से केंद्र सरकार की ओर से नहीं चुकाई गई है। साथ ही सीजीएचएस के तहत होने वाले इलाज या सर्जरी का पैकेज लागत राशि से भी कम है। ऐसे में इन अस्पतालों को काफी नुकसान हो रहा था। अब यदि फ्री वेंटिलेटर की स्कीम लागू करते हैं तो इसमें वेंटिलेटर का एक दिन का खर्च करीबन 50 हजार रुपये के आसपास है।

दिल्ली सरकार हर 15 दिन में करेगी भुगतान

अब निजी अस्पतालों को ये विश्वास दिलाया जा रहा है कि अगर उनके यहां सरकारी अस्पताल से रेफर होकर कोई मरीज आता है तो वे उसे वेंटीलेटर उपलब्ध करा सकते हैं। इसका जो भी खर्चा होगा, वो दिल्ली सरकार 15 दिन के भीतर संबंधित अस्पताल को उपलब्ध कराएगी। हालांकि इसमें एक शर्त सरकार ने ये भी रखी है कि अगर समय पर अस्पताल को भुगतान करते हैं तो संबंधित अस्पताल को उन्हें तीन फीसदी तक छूट देनी होगी। 

अगर भुगतान समय पर नहीं होता है तो 1 फीसदी का जुर्माना सरकार को भरना होगा। भुगतान की इस प्रक्रिया को लेकर प्राइवेट अस्पतालों से बातचीत की जा रही है। फ्री वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए लगभग 48 अस्पताल को चुना गया है और यह सभी वही अस्पताल हैं जो सरकारी जमीन पर बने हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed