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अनदेखी करने पर 20 हजार का जुर्माना: BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल कारों पर पाबंदी, सरकार ने जारी किया निर्देश
Mon, 05 Dec 2022 09:10 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 05 Dec 2022 09:10 PM IST
सार
दिल्ली में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों की संख्या करीब पांच लाख है। सड़कों से कारों की संख्या में भी कमी से प्रदूषण स्तर में सुधार की संभावना जताई जा रही है।
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दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण का स्तर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही दिल्ली की सड़कों पर बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल कारें प्रतिबंधित कर दी गई हैं। दिल्ली परिवहन विभाग ने सोमवार इसका आदेश जारी कर दिया। नियमों की अनदेखी करने वालों को 20 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा। विभाग नौ दिसंबर को एक बार फिर प्रदूषण के स्तर का आकलन करेगा। स्थितियां अनुकूल रहीं तो पाबंदियों में छूट मिल सकती है।
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इससे पहले रविवार को प्रदूषण के डार्क रेड जोन में जाने के बाद केंद्रीय वायु गुणवत्ता आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली और एनसीआर के शहरों में ग्रैप का तीसरा चरण लागू करने के दिशानिर्देश जारी किए थे। सोमवार को दिल्ली सरकार ने इस बाबत आदेश जारी किया है।
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परिवहन विभाग के आदेश के अनुसार, ग्रैप का तीसरा चरण लागू होने के बाद भी तत्काल प्रभाव से बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल कारों के सड़कों पर चलने पर रोक लगा दी गई है। फिलहाल नौ दिसंबर या ग्रैप स्टेज के घटने तक पाबंदी लागू रहेगी।
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ग्रैप का तीसरा चरण लागू होने के बाद मोटर वाहन अधिनियम-1988 की धारा-115 के तहत कारों पर पाबंदी लगाई गई है। इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई के लिए टीमें तैनात रहेंगी। इस दौरान 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल कारें सड़कों पर दिखीं तो जब्त कर ली जाएंगी।
अहम है कि दिल्ली में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों की संख्या करीब पांच लाख है। सड़कों से कारों की संख्या में भी कमी से प्रदूषण स्तर में सुधार की संभावना जताई जा रही है।