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दिल्ली सरकार ने ऑनलाइन शिक्षा को बेहतर करने के मांगे सुझाव
Fri, 31 Jul 2020 11:51 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Fri, 31 Jul 2020 11:51 AM IST
सार
- उपमुख्यमंत्री ने स्कूलों में सेमी-ऑनलाइन शिक्षा की समीक्षा की
- समीक्षा बैठक में शिक्षकों व अभिभावकों से लिया फीडबैक
- उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना का वैक्सीन बन जाए, शिक्षा के नुकसान का कोई वैक्सीन नहीं
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मनीष सिसोदिया
विस्तार
कोविड-19 के कारण सभी स्कूल बंद और कक्षाएं ऑनलाइन चल रही हैं। सरकारी स्कूलों में भी विभिन्न कक्षाओं में ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में अब दिल्ली सरकार ने ऑनलाइन शिक्षा को बेहतर करने के लिए अभिभावकों व शिक्षकों से सुझाव मांगे हैं। बृहस्पतिवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने स्कूलों में चल रही सेमी ऑनलाइन शिक्षा की समीक्षा बैठक में इन्हें बेहतर करने के लिए सुझाव देने को कहा।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को शंकर नगर स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में अभिभावकों व शिक्षकों केसाथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि पांच साल पहले सरकारी स्कूलों में रिजल्ट 88 फीसदी था तब हमने इसे 90 फीसदी करने का लक्ष्य रखा था। आज यह रिजल्ट 98 फीसदी तक पहुंच गया है।
लेकिन हम इससे आत्ममुग्ध न हों, बल्कि और आगे बढने की सोचें। उन्होंने बेहतर रिजल्ट का श्रेय अभिभावकों व शिक्षकों को देते हुए कहा कि कोरोना का वैक्सीन बन जाएगा, लेकिन शिक्षा में नुकसान की भरपाई किसी वैक्सीन से नहीं हो सकती। इसलिए हम अपने अन्य खर्च कम करके किसी भी तरह बच्चों की पढ़ाई जारी रखें।
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स्कूल जाने से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है लिहाजा स्कूल का कोई विकल्प नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि स्कूल जल्द खुलें लेकिन अभी बच्चों का नुकसान ना हो इसके लिए हमने ऑनलाइन शिक्षा में विभिन्न प्रयोग किए हैं। उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा में गतिविधियों के महत्व को भी बताया। शिक्षा में अग्रणी माने जाने वाले फिनलैंड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी गतिविधियों से डही काफी कुछ सि खाया जाता है। इस संवाद केदौरान शिक्षकों व अभिभावकों ने विस्तार से अपने अनुभवों को भी साझा किया। इस दौरान सामाजिक दूरी केनियमों का पूरी तरह से पालन किया गया। अब आगे भी हर जिले के विभिन्न स्कूलों में इस तरह की समीक्षा बैठक होगी।
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को शंकर नगर स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में अभिभावकों व शिक्षकों केसाथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि पांच साल पहले सरकारी स्कूलों में रिजल्ट 88 फीसदी था तब हमने इसे 90 फीसदी करने का लक्ष्य रखा था। आज यह रिजल्ट 98 फीसदी तक पहुंच गया है।
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लेकिन हम इससे आत्ममुग्ध न हों, बल्कि और आगे बढने की सोचें। उन्होंने बेहतर रिजल्ट का श्रेय अभिभावकों व शिक्षकों को देते हुए कहा कि कोरोना का वैक्सीन बन जाएगा, लेकिन शिक्षा में नुकसान की भरपाई किसी वैक्सीन से नहीं हो सकती। इसलिए हम अपने अन्य खर्च कम करके किसी भी तरह बच्चों की पढ़ाई जारी रखें।
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स्कूल जाने से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है लिहाजा स्कूल का कोई विकल्प नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि स्कूल जल्द खुलें लेकिन अभी बच्चों का नुकसान ना हो इसके लिए हमने ऑनलाइन शिक्षा में विभिन्न प्रयोग किए हैं। उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा में गतिविधियों के महत्व को भी बताया। शिक्षा में अग्रणी माने जाने वाले फिनलैंड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी गतिविधियों से डही काफी कुछ सि खाया जाता है। इस संवाद केदौरान शिक्षकों व अभिभावकों ने विस्तार से अपने अनुभवों को भी साझा किया। इस दौरान सामाजिक दूरी केनियमों का पूरी तरह से पालन किया गया। अब आगे भी हर जिले के विभिन्न स्कूलों में इस तरह की समीक्षा बैठक होगी।