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दिल्ली सरकार और राजनिवास में एक बार फिर ठनी, ये है मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 07 Apr 2018 08:06 PM IST
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दिल्ली सरकार व राजनिवास के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा विवाद सेवा विभाग द्वारा भेजी गई प्रेस विज्ञप्ति को लेकर है। इस पर दिल्ली सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई है।
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सरकार का कहना है कि अधिकारी सेवा नियमों का उल्लंघन कर बैठकों में भाग नहीं ले रहे हैं। एलजी उन्हें उकसा रहे हैं। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बार-बार एलजी से यह सुनिश्चित करने के लिए कह रहे हैं कि अधिकारी बैठकों में भाग लें, लेकिन इसकी कोई प्रतिक्रिया नहीं है।
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सरकार का कहना है कि सेवा विभाग की विज्ञप्ति से स्पष्ट है कि उपराज्यपाल सरकार व अधिकारियों के बीच उत्पन्न स्थिति को हल करने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। उपराज्यपाल अधिकारियों को बढ़ावा दे रहे हैं।
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राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के रूप में संवैधानिक पद पर आसीन उपराज्यपाल को इस तरह की बातें शोभा नहीं देतीं। एलजी अफसरों को काम के प्रति उत्तरदायी बनाने की कोशिश क्यों नहीं करते। खाली पदों के बारे सेवा विभाग घुमा-फिरा कर बातें कर रहा है। सेवा विभाग को रिक्तियां भरने के लिए योजना पर बात करने की आवश्यकता है।
बता दें कि शुक्रवार को सेवा विभाग ने दिल्ली सरकार की आउटकम रिपोर्ट पर विज्ञप्ति जारी कर कहा कि इस रिपोर्ट में सरकार ने रिक्तियों के बारे में और उन्हें भरने के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया के बारे में भ्रामक जानकारी दी है।
दिल्ली सरकार ने आउटकम रिपोर्ट में शिक्षकों के 30 हजार पद खाली बताए हैं, जबकि सच्चाई यह है कि ये पद तब भी खाली थे, जब सेवा विभाग दिल्ली सरकार के पास था। बता दें कि सर्विस विभाग अगस्त 2016 से दिल्ली के उपराज्यपाल के आधीन है।