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जेएनयू देशद्रोह मामलाः चार्जशीट पर अनुमति के लिए सरकार से नहीं साधा संपर्क
Wed, 06 Feb 2019 04:56 AM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 06 Feb 2019 04:56 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
जेएनयू नारेबाजी विवाद में कोर्ट में दाखिल चार्जशीट मामले पर दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस आमने-सामने आ गई है। चार्जशीट पर अनुमति के लिए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार से कोई संपर्क नहीं साधा है और न ही अनुमति देने के लिए पत्र लिखा है। दूसरी तरफ दिल्ली सरकार ने भी दिल्ली पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि मंगलवार शाम तक दिल्ली सरकार ने चार्जशीट पर दिल्ली पुलिस को अनुमति नहीं दी थी। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह यथा स्थिति को लेकर कोर्ट जाएगी।
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स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट पर अनुमति लेने के लिए दिल्ली सरकार से कोई संपर्क नहीं साधा है और न ही दिल्ली सरकार को अनुमति देने के लिए पत्र लिखा है। न ही दिल्ली पुलिस की कोई टीम दिल्ली सरकार से मिली है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तर्क दिया कि पुलिस को दिल्ली सरकार से संपर्क साधने की जरूरत नहीं है।
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अगर दिल्ली सरकार अनुमति दे देती है, तो वह पुलिस को स्वत: ही पत्र भेज देगी। दिल्ली सरकार ने भी पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी है। जानकारी में ये बात सामने आई है कि दिल्ली के कानून मंत्रालय ने फाइल को अनुमति दे दी है। दिल्ली के गृहमंत्री सतेन्द्र जैन ने चार्जशीट की फाइल को अपने पास रोका हुआ है। दिल्ली सरकार इस मुद्दे को संवेदनशील बताते हुए कुछ भी बोलने से इंकार कर रही है।
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स्पेशल सेल ने चार्जशीट में कन्हैया कुमार समेत कई आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह की धारा-124ए लगाई है। इस धारा में कोर्ट सीआरपीसी की धारा-196 के तहत तभी संज्ञान ले सकता है जब दिल्ली सरकार की अनुमति मिली हो। अगर दिल्ली सरकार ने समय से अनुमति नहीं दी तो कोर्ट देशद्रोह की धारा-124ए पर संज्ञान नहीं लेगा और ये धारा स्वत: ही खत्म हो जाएगी। अगर दिल्ली सरकार की अनुमति नहीं मिली तो कोर्ट देशद्रोह की धारा को छोड़कर अन्य धाराओं में संज्ञान ले लेगा। कोर्ट ने पिछली बार दिल्ली पुलिस द्वारा दिल्ली सरकार से अनुमति नहीं लेने पर फटकार लगाई थी।