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दिल्ली सरकार व नौकरशाह आमने सामने, मुख्यमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग

Tue, 27 Feb 2018 10:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 27 Feb 2018 10:03 AM IST
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Delhi government and bureaucrats face a face, asked for public apology from Chief Minister

मुख्य सचिव के साथ हुई मारपीट के बाद दिल्ली सरकार और नौकरशाहों के बीच सुलह की कोशिश सोमवार को नाकाम हो गई। दिल्ली सरकार के अधिकारियों व कर्मचारी संगठनों को लेकर बने ज्वाइंट फोरम ने साफ कर दिया है कि  माफी से कम पर वह तैयार नहीं हैं।

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आईएएस एसोसिएशन ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेस कर कहा कि जब तक मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री लिखित या फिर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, अधिकारी बैठकों का बहिष्कार जारी रखेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने एलजी और दिल्ली पुलिस आयुक्त से मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पर भी कार्रवाई की मांग की है।
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दरअसल रविवार को दिल्ली सरकार में मंत्री राजेंद्रपाल गौतम ने नौकरशाहों से बातचीत के जरिये सुलह की शुरुआत की थी। इसे लेकर सोमवार को दिल्ली सचिवालय में आईएएस, दास और दानिक्स एसोसिएसन को लेकर बनी ज्वाइंट फोरम की बैठक हुई। बैठक में प्रस्ताव पास हुआ कि अधिकारी तब तक बैठक का बहिष्कार जारी रखेंगे जब तक खुद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री माफी नहीं मांगते हैं। 
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बैठक के बाद आईएएस एसोसिएशन की ओर से प्रेस कांफ्रेस करने आई फोरम की सदस्य आईएएस पूजा जोशी ने कहा कि ज्वाइंट फोरम ने यह पाया कि मुख्य सचिव के साथ मुख्यमंत्री आवास पर जो मारपीट की गई है। उसकी चुनी हुई सरकार की ओर से एक बार भी निंदा नहीं की गई। यही नहीं वह लगातार इस घटना के नहीं होने की बात कर रहे हैं, जबकि यह घटना उनकी मौजूदगी में हुई है।

इससे लगता है कि वह खुद भी इस साजिश में शामिल हैं। घटना को लेकर दर्ज एफआईआर भी यही कहता है। ऐसे में हम एलजी और दिल्ली पुलिस आयुक्त से मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पर भी कार्रवाई की मांग करते हैं। 


पूजा जोशी ने कहा कि ज्वाइंट फोरम ने इस पर भी चिंता जताई है कि मुख्य सचिव की मारपीट के बाद उसकी निंदा करने, उसे रोकने के बजाय जन प्रतिनिधियों द्वारा खुले मंच से अधिकारियों को धमकी दी जा रही है। यह सब कुछ मुख्यमंत्री के सामने मंच पर मौजूदा प्रतिनिधि दे रहे हैं। उसकी एक बार भी निंदा नहीं की जा रही है। 

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