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दिल्ली: उत्तरी नगर निगम के बजट में चुनाव की झलक
Thu, 13 Jan 2022 05:17 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Thu, 13 Jan 2022 05:17 PM IST
सार
उपलब्धियां गिनाने के साथ-साथ दिल्ली सरकार पर आरोपों की झड़ी लगाई।
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दिल्ली नगर निगम का कर्मी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा पार्षद जोगीराम जैन की ओर से बुधवार को प्रस्तुत किए गए वर्तमान साल के संशोधित और अगले साल के प्रस्तावित बजट में अप्रैल माह में नगर निगम के होने वाले चुनाव की झलक दिखाई दी। उन्होंने भाजपा शासन की उपलब्धियों का बखान करने के बीच दिल्ली सरकार पर नगर निगम का हर मामले में शोषण करने के आरोपों की झड़ी लगाई।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में गरीब जनता के उत्थान की घोषणा कर रहे हैं, वहीं दिल्ली में नगर निगम कर्मियों की परेशानी उनको दिखाई नहीं दे रही है। उनके कारण नगर निगम कर्मियों का वेतन समय पर उपलब्ध नहीं हो रहा। इसके अलावा नगर निगम महामारी का सामना करने के साथ-साथ वित्तीय संकट का भी सामना कर रहा है।
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दिल्ली सरकार ने बीटीए और अन्य अनुदानों में लगभग 20 प्रतिशत की कटौती की। पांचवें दिल्ली वित्त आयोग के प्रावधानों के तहत् वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के लिए किए गए 1782.61 करोड़ रुपये के बजट प्रावधानों में से अभी तक 328.60 करोड़ रुपये कम दिए गए हैं। दिल्ली सरकार ने चौथे वित्त आयोग की सिफारिश स्वीकृत करने के पश्चात् भी निरस्त कर दिया।
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इस कारण उत्तरी दिल्ली नगर निगम को 68.97 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। नगर निगम के विभाजन के समय उत्तरी दिल्ली नगर निगम के हिस्से में बकाया ऋण एवं ब्याज 1823 करोड़ रुपये का भुगतान शेष था, तत्कालीन सरकार के अनुसार ऋण की माफी योजना के लिए 1100 करोड़ रुपये निगमों को देना है, मगर यह राशि अभी तक नहीं मिली है।
नगर निगम की देनदारी बढ़ी
उन्होंने बताया कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम देनदारी पहले से बढ़कर 8803 करोड़ रुपये पहुंच गई है और भी बढ़ती जा रही है। ऐसी स्थिति में वित्तीय संकट से उबरने के लिए यदि निगम की सम्पत्तियों को देखभाल, अतिक्रमण से बचाने के लिए किराए पर देने, पीपीपी स्कीम में ऑक्शन करने या लीज पर देने की पहल की, लेकिन उन पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए जा रहे है।
बजट के प्रमुख बिंदू:
- - अस्पतालों में 500 से अधिक एलएमओ आधारित ऑक्सीजन बेड उपलब्ध करवाना।
- - हिन्दुराव अस्पताल एवं कस्तूरबा अस्पताल के लिए एडवांस लाईफ स्पोर्ट एम्बूलेंस खरीदी जाएगी एवं पेशेंट ट्रांसपोर्ट एम्बूलेंस भी उपलब्ध कराई जाएगी।
- - संपत्ति कर में छूट को 15 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रद्द।
- - संपत्ति कर में दो प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव रद्द।
- - ई-वाहनों के लिए चार्जिंग और बैटरी स्वैप स्टेशन बनाए जाएंगे।
- - अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का कोटा निर्धारित।
- - कोरोना महामारी में निगम कर्मचारी की मृत्यु होने उसके परिवार को सहायता के रूप में 10 लाख रुपये का प्रावधान।
- - दैनिक वेतन और अनुबंध के आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों का बीमा।
- - अनधिकृत निर्माण कार्यों का नियमितीकरण किया जाएगा।
- - पार्कों में नर्सरी की व्यवस्था की जाएगी।
- - सफाई कर्मियों का नियमितीकरण किया जाएगा।
- - फिल्म शूटिंग की अनुमति दी जाएगी।
- - खाली ढलावों का उपयोग पुस्तकालय आदि के रूप में किया जाएगा।
- - पार्किंग सुविधा के लिए 19 स्थानों पर बहुस्तरीय पार्किंग विकसित की जाएगी, जिनमें 13500 कार खड़ी हो सकेगी।