दिल्ली पर मेहरबान रहा मोदी सरकार का बजट
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मोदी सरकार के पहले बजट में हर तबके को तवज्जो दी गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हर विभाग और हर सेक्टर को कुछ नया देने की कोशिश भी की है।
चुनाव के समय से ही 'अच्छे दिनों' का वादा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को हर संभव मदद देने और कम से कम बोझ डालने की कोशिश की है। हालांकि इसका ज्यादा रुझान इंडस्ट्री की ओर ही दिखा है।
दिल्ली के बजट में क्या है जानिए आगे की स्लाइड में।
अस्पतालों के लिए बरसे करोड़ों
राजधानी में केंद्र सरकार के अस्पतालों और रिसर्च सेंटर के लिए आम बजट में करोड़ों रुपयों का प्रावधान किया गया है। एम्स समेत भारत सरकार के दूसरे अस्पतालों में शुरू होने वाले नए विभागों की बिल्डिंग बनाने के लिए बजट का प्रावधान है।
पिछले वर्ष की तुलना में बजट में मामूली वृद्धि की गई है। वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज व आरएमएल शिक्षा और अनुसंधान संस्थान के लिए नॉन प्लान बजट में किसी तरह की राशि का प्रावधान नहीं किया गया है।
एम्स में चाइल्ड और मैटरनिटी सेंटर, नए आपातकालीन सहित कुछ अन्य ब्लॉक के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये आवंटित किए गए हैं। राशि आवंटित होने से निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
किस अस्पताल को मिले कितने करोड़
एम्स 1365, सफदरजंग 614.15, राम मनोहर लोहिया 361, कलावती शरण 73.50, पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट 43.40, लेडी हार्डिंग, सुचेता कृपलानी 250, वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज 9.50, आरएमएल अनुसंधान संस्थान 21. (नोट : रकम करोड़ में है।)
दिल्ली मेट्रो पर भी हुई पैसों की बारिश
दिल्ली मेट्रो की फेज थ्री परियोजना समेत बहादुरगढ़ और फरीदाबाद लाइन के लिए बजट में खास प्रावधान रखा है। वित्त मंत्री ने राजधानी समेत एनसीआर की जरूरतों को समझते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) को चालू वित्त वर्ष 2014-15 के लिए 3470.16 करोड़ रुपये का बजट दिया है, जो कि पिछले वर्ष से 893.55 करोड़ रुपये अधिक है।
वहीं, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ लाइन के विस्तार के लिए विशेष 145.81 करोड़ रुपये की ग्रांट भी दी गई है। खास बात यह है कि देश भर में विभिन्न मेट्रो परियोजनाओं में से दिल्ली मेट्रो को सबसे अधिक बजट मिला है।
डीएमआरसी के लिए शहरी विकास मंत्रालय ने लगभग 6557.88 करोड़ रुपये का बजट मांगा था। हालांकि चालू वित्त वर्ष के लिए दिल्ली मेट्रो को कुल 3470.16 करोड़ का बजट मिला है। पिछले वर्ष दिल्ली मेट्रो को 2576.61 करोड़ रुपये का बजट मिला था।
बहादुरगढ़ और फरीदाबाद लाइन के अच्छे दिन
मुंडका से बहादुरगढ़ लाइन का विस्तार दिसंबर 2015 तक पूरा करने का लक्ष्य है। अभी इंद्रलोक से मुंडका तक लाइन जाती है। लगभग 12 किलोमीटर लंबी लाइन पर सात एलिवेटेड स्टेशन बनने हैं, जिसका निर्माणकार्य जारी है।
बहादुरगढ़ लाइन बनने के बाद आगे के हरियाणा के हिस्से को राजधानी दिल्ली से जोड़ने का काम होगा। जबकि मंडी हाउस से बदरपुर के बीच चलने वाली लाइन कश्मीरी गेट से फरीदाबाद तक जुड़ेगी। फिलहाल बदरपुर से आगे फरीदाबाद तक लगभग 14 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ट्रैक में कुल सात स्टेशनों का निर्माण कार्य जारी है।
उक्त लाइन मार्च 2015 तक यात्रियों के लिए शुरू होनी है। वहीं, फरीदाबाद लाइन बनने से पलवल भी दिल्ली से सीधे जुड़ जाएगा और लगभग पांच से सात लाख यात्रियों को सीधे लाभ पहुंचेगा। इन दोनों लाइनों पर कार्य में तेजी के लिए आम बजट में 145.81 करोड़ की ग्रांट मंजूर की गई है।
दिल्ली पुलिस का बजट 400 करोड़ बढ़ा
दिल्ली पुलिस के बजट में पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष करीब 393.99 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली पुलिस को इस वर्ष 4653.19 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं, जबकि पिछले वर्ष दिल्ली पुलिस को 4259.20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
हालांकि महिलाओं के सुरक्षा मद में पिछले वर्ष के मुकाबले बजट में बढ़ोतरी नहीं हुई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के लिए पिछले वर्ष जहां दो करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे वहीं इस बजट में भी दो करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। दिल्ली पुलिस केसीनियर पुलिस अधिकारी इस बजट को नाकाफी बता रहे हैं।
दिल्ली पुलिस के कई सालों से लंबित पड़ा ट्रैफिक इंटेलीजेंट मैनेजमेंट सिस्टम के अब लागू होने की उम्मीद बढ़ गई है। पैसे की कमी केचलते ये सिस्टम कार्यान्वित नहीं हो पा रहा था। दिल्ली पुलिस को पर्याप्त राशि मिलने के बाद इस सिस्टम के जल्दी आने की संभावना बढ़ गई है।
7 करोड़ में सुधरेंगे ट्रैफिक सिग्नल
दिल्ली में ट्रैफिक सिग्नलों के लिए बजट में करीब सात करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। वर्ष 2014-15 के लिए दिल्ली में ट्रैफिक सिग्नलों के लिए 11.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि पिछले ट्रैफिक सिग्नलों के लिए 3.46 करोड़ रुपये दिए गए थे।
मौजूदा बजट में मॉडल ट्रैफिक सिस्टम और ट्रैफिक में सुधार और कम्युनिकेशन नेटवर्क के लिए 11.37 करोड़ रुपये रखे गए हैं। जबकि वर्ष 2013-14 में ये राशि करीब 7.51 करोड़ रुपये थे।
केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वर्तमान बजट में दिल्ली पुलिस के लिए प्लान हैड के तहत 67.90 करोड़ रुपये और नॉन प्लेन हैड के तहत 4653.19 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। दिल्ली पुलिस में ट्रेनिंग के स्तर को सुधार के लिए बजट में चार करोड़ रुपये रखे गए हैं। पिछले बजट में ये राशि करीब 3.49 करोड़ रुपये थी।
दिल्ली के खजाने में यहां हुई कटौती
केन्द्र सरकार से मिलने वाली सामान्य सहायता राशि सिर्फ 325 करोड़ रुपये कर दी गई है। जो जेएनएनयूआरएम योजना समेत 1075 करोड़ रुपये थी।
इससे पूर्व 2012-13 में यह राशि 800.34 करोड़ थी। राजीव आवास योजना, पार्किंग व अन्य जेएनएनयूआरएम प्रोजेक्ट के प्रावधान भी गृह मंत्रालय के मद से हटा दिए गए हैं।
सेंट्रल रोड फंड में मिलने वाली 368.39 करोड़ रुपये की राशि भी घटाकर 22 करोड़ रुपये कर दी गई है।