दिल्ली गैस लीक: NDRF ने 70 मीटर के एरिया में कृत्रिम बारिश कराकर रोका केमिकल का प्रभाव
दिल्ली के तुगलकाबाद कंटेनर में रसायन लीकेज को रोकने के लिए कृत्रिम बारिश का सहारा लेना पड़ा। नेशनल डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (एनडीआरएफ) ने रसायन लीकेज वाली जगह से करीब 60 से 70 मीटर के एरिया में कृत्रिम बारिश का सहारा लिया।
उसके बाद रसायन का प्रभाव कम होना शुरू हुआ। सुबह करीब 10:30 बजे पहुंची एनडीआरएफ की टीम दोपहर बाद चार बजे तक वहीं रूकी।
एनडीआरएफ टीम के मुताबिक लीकेज दो जगह हुई थी। पहली पार्किंग वाली जगह जहां कंटेनर खड़ा होता है दूसरा सुबह करीब चार बजे जब कंटेनर डिपो से निकल रहा था तो गेट पर हुआ था।
हालांकि गेट पर लीकेज पार्किंग वाली जगह से कम था। पहले टीम ने दोनों ही जगह पर मिट्टी डाली मगर रसायन का प्रभाव हवा में खत्म नहीं होने पर वहां कृत्रिम बारिश का सहारा लेना पड़ा।
एनाउंसमेंट कर खिड़कियों पर टंगवाई गीली चादर
एनडीआरएफ जांच टीम के मुखिया श्रीनिवासन ने बताया कि कंटेनर से दो जगह लीकेज हुआ। कुल 40 लोगों की टीम ने मौके पर जांच किया। वहां बायो केमिकल जिसे क्लोरो मिथाइल पाइरीडीन था उसका असर मिला। उन्होंने बताया कि यह चाइना से लाया गया था जिसका इस्तेमाल कीटनाशक (पेस्टीसाइड) बनाने में किया जाता है।
उन्होंने बताया कि हमने हजार्ड गैस डिटेक्शन इंडेक्स (एचजीडीआई) मशीन से गैस के प्रभाव की जांच की। स्कूल में भी इसकी जांच की गई। फिर लीकेज वाली जगह मिट्टी डालकर दोबारा चैक किया।
मगर रसायन का प्रभाव खत्म नहीं हो रहा था। जिसके बाद हमें इसके प्रभाव को कम करने के लिए कृत्रिम बारिश करानी पड़ी। उसके बाद उसका प्रभाव कम है। अब उसका प्रभाव इलाके में नहीं है।
रसायन का प्रभाव रिहायशी इलाकों में ना पहुंचे इसके लिए सिविल डिफेंस की टीम को अलर्ट किया गया। उन्हें एक किलोमीटर के दायरे में स्थित रिहायशी इलाकों में अनाउंसमेंट कराया गया कि वह अपने खिड़की बंद कर ले या फिर उसपर गीला कपड़ा चादर नुमा चीज टांग दे।
ऐसा करने से रसायन का असर खिड़की के जरिए घर में प्रवेश नहीं करेगा। इसके बाद कई लोगों ने गीली चादरें भी टांग ली। इसके अलावा अगर किसी को आंख में जलन हो रही है तो वह अपने आंखों को पानी देर तक धोएं।