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Delhi : तनाव से 15 दिन में चार रेजिडेंट डॉक्टरों ने दी जान, मेडिकल कॉलेजों के लिए जारी होंगे सख्त दिशा-निर्देश
Mon, 11 Dec 2023 06:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 11 Dec 2023 06:48 AM IST
सार
दो दिन पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में डॉ. जय साल्वा ने जान दी, जो न सिर्फ मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट थे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के शतरंज खिलाड़ी भी थे।
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National Medical Commission
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
मानसिक तनाव के चलते बीते 15 दिन में देश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में चार रेजिडेंट डॉक्टरों ने आत्महत्या की। दो दिन पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में डॉ. जय साल्वा ने जान दी, जो न सिर्फ मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट थे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के शतरंज खिलाड़ी भी थे।
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इन घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर देश के चिकित्सा संगठनों ने आत्महत्याओं की घटनाओं को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) का कहना है कि चिकित्सा छात्रों के मानसिक तनाव को लेकर आयोग की एक समिति लंबे समय से काम कर रही है।
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जल्द ही मेडिकल कॉलेजों के लिए सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे। एनएमसी के नैतिकता और चिकित्सा पंजीकरण बोर्ड के सदस्य और प्रवक्ता डॉ. योगेन्द्र मलिक ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की आत्महत्याओं की घटनाएं काफी पीड़ादायक हैं।
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कार्यालय से जुड़े मुद्दे खड़ी कर रहे मुश्किलें
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. मीत घोनिया का कहना है कि ड्यूटी के अलावा शोषण और कार्यालय से जुड़े कई मुद्दे चिकित्सा छात्रों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं, जिन्हें लेकर एनएमसी को सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिनकी रोकथाम को लेकर जमीनी स्तर पर प्रयास बहुत जरूरी हैं।