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अनाज मंडी अग्निकांड : चार महीने में सील हो पाईं महज 400 अवैध फैक्टरियां

Mon, 09 Dec 2019 04:25 AM IST
गौरव पाण्डेय अरुण कुमार, नई दिल्ली
अरुण कुमार, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 09 Dec 2019 04:25 AM IST
सार

  • उत्तरी दिल्ली नगर निगम को बाकी बचीं 2800 अवैध फैक्टरियां सवा महीने में करनी हैं सील
  • कोर्ट में 15 जनवरी तक पेश करनी है रिपोर्ट, रविवार की घटना की जिम्मेदारी लेने से बच रहा
  • रविवार को फैक्टरी में आग लगने की घटना की जिम्मेदारी लेने से बच रहा दिल्ली नगर निगम

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Delhi Fire Tragedy : only 400 illegal factories were sealed in four months
अनाज मंडी में लगी आग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में अवैध फैक्टरियों को सील करने के आदेश के बाद उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने पिछले चार महीने में महज 400 फैक्टरियों पर कार्रवाई की है। सीलिंग की रिपोर्ट 15 जनवरी, 2020 तक सुप्रीम कोर्ट में पेश की जानी है, अब सवाल ये है कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम बाकी 2800 अवैध फैक्टरियों को महज सवा महीने में कैसे सील करेगा। इसके साथ ही रविवार को फैक्टरी में हुई आगजनी की घटना की जिम्मेदारी लेने से निगम बच रहा है।

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अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाली करीब 4500 अवैध फैक्टरियों को सील करने के लिए निगम द्वारा करीब चार महीने पहले कार्रवाई शुरू की गई थी। सीलिंग को लेकर जब फैक्टरियों का सर्वे शुरू हुआ, तो 1300 अवैध फैक्टरी मालिकों ने अपनी फैक्टरियां खुद ही बंद कर दीं। इसके बाद निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए 400 अवैध फैक्टरियों को सील किया। अब निगम को 2800 अवैध फैक्टरियों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई करनी है।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करने का हवाला देते हुए निगम अनाज मंडी स्थित फैक्टरी में आग की घटना की जिम्मेदारी लेने से बच रहा है। निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि निगम की कार्रवाई चल रही है। जिस फैक्टरी में आग लगी, कुछ दिन पहले वहां पर सीलिंग का नोटिस देने के लिए लाइसेंसिंग इंस्पेक्टर गया था, लेकिन फैक्टरी बंद मिली, जिस कारण नोटिस नहीं दिया जा सका। 
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अब निगम अधिकारी इलाके की फैक्टरियों को सील करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई पर काम कर रहे हैं और इसी दौरान यह घटना घट गई। इसके साथ ही निगम की ओर से दिल्ली फायर विभाग पर भी इस घटना की जिम्मेदारी लेने की बात कही गई है। अब सवाल ये है कि निगम ने पिछले चार महीने में महज 400 अवैध फैक्टरियों को सील किया, लेकिन अब 15 जनवरी, 2020 तक रिपोर्ट पेश करने के लिए निगम के पास महज 38 दिन बाकी हैं। ऐसी स्थिति में निगम किस तरह 2800 फैक्टरियों को सील करेगा।

स्पेशल प्रोविजन एक्ट के तहत संरक्षित

निगम के अधिकारिक सूत्रों की मानें तो पुरानी दिल्ली का अनाज मंडी इलाका स्पेशल प्रोविजन एक्ट के तहत आता है, इसलिए इस इलाके में पुरानी बनीं इमारतों के खिलाफ निगम सीलिंग की कार्रवाई नहीं कर सकता। बताया गया है कि इस इलाके में अधिकतर सभी पुरानी इमारतें हैं, इसलिए इन इमारतों में हुए निर्माण पर निगम की कार्रवाई नहीं की जा सकती, जबकि नए निर्माण के खिलाफ निगम की कार्रवाई की जाती है।

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