{"_id":"60bf214c8ebc3ec3d62f648a","slug":"delhi-fear-of-getting-black-fungus-haunting-patients","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: मरीजों को सता रहा ब्लैक फंगस होने का डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: मरीजों को सता रहा ब्लैक फंगस होने का डर
Tue, 08 Jun 2021 01:20 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Tue, 08 Jun 2021 01:20 PM IST
सार
- कोरोना से स्वस्थ होने के बाद हो रही त्वचा संबंधी समस्याएं
विज्ञापन
ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना से स्वस्थ हो चुके कुछ लोगों को त्वचा संबंधी और बाल झड़ने की समस्या हो रही है। इस प्रकार के कई मरीज इलाज के लिए दिल्ली के अपोलो अस्पताल आ रहे हैं। अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. डी. एम महाजन ने बताया कि कोविड से ठीक होने के बाद त्वचा की समस्याओं से जूझ रहे बहुत से मरीज अस्पताल आ रहे हैं।
विज्ञापन
उन्हें यह डर सता रहा है कि कहीं उन्हें ब्लैक फंगस तो नहीं हो गया। डॉ महाजन के अनुसार, लोगों को त्वचा संबंधी रोगों के बारे में सचेत रहना चाहिए, लेकिन घबराना नहीं चाहिए। इस प्रकार की समस्या रोग प्रतिरोधक क्षमता के कम होने के कारण होती है। संक्रमण से स्वस्थ हुए मरीज को अगर त्वचा में किसी भी प्रकार की सूजन है और वह अनियंत्रित रूप से बढ़ रही है तो तत्काल डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
विज्ञापन
कैंडिडा फंगस के मामले भी आ रहे
डॉ.महाजन ने कहा कि कोविड से ठीक हो रहे मरीजों में कैंडिडा फंगस से संक्रमण के मामले भी सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि जननांगों में सफेद दाग उत्पन्न करने वाला यह संक्रमण ज्यादा मात्रा में %स्टेरॉयड लेने से हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि कोरोना के इलाज के दौरान सही मात्रा में दवाएं ली जाएं।
विज्ञापन